सर सैयद दिवस एवं अलुमनई मीट की तैयारी में जुटे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति को घेरने की तैयारी है। आलमगीर हत्याकांड के बाद के कैंपस के हालात को लेकर ओल्ड ब्वायज (एलुमनई) एसोसिएशन, अमुटा, टेक्निकल स्टाफ एसोसिएशन, रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, फोर्थ ग्रेड एसोसिएशन एवं छात्रों की संयुक्त बैठक में एक स्वर में सीबीआई जांच की मांग का समर्थन किया गया। ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन कार्यालय में आयोजित बैठक में आलमगीर के वालिद शमीम अहमद भी शामिल हुए और भावुक शब्दों में अपनी बात रखी।
बैठक में मौजूद लोगों ने यह संदेह भी जताया कि यूनिवर्सिटी के कुछ लोग अपनी गर्दन बचाने के लिए छात्रों को जिला प्रशासन से भिड़ाना चाहते हैं। एएमयू प्रशासन पर लाश पर राजनीति करने का आरोप भी लगा। अमुटा अध्यक्ष प्रो. मुजाहिद बेग, सचिव मुस्तफा जैदी, ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन के अध्यक्ष सलामत उल्लाह, उपाध्यक्ष आजममीर, सचिव जानी भाई, टेक्निकल स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष फैसल गांधी, प्रो. मतीन, छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष माजिन जैदी, छात्र नेता लियाकत अली, जानिब हसन, सद्दाम हुसैन, डॉ. मुजाहिद अली खान आदि ने पत्रकारों के समक्ष इंतजामिया पर कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि कैंपस में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। कुलपति यूनिवर्सिटी को किसी कंपनी की तरह चला रहे हैं। ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक जमीरउद्दीन शाह कुलपति रहेंगे, तब तक उनके द्वारा आयोजित किसी भी अलुमनई मीट में शामिल नहीं होंगे।
इस बैठक में यह भी स्पष्ट हो गया कि आने वाले समय में इंतजामिया का संकट बढ़ने वाला है। शिक्षक एवं कर्मचारी नेताओं ने आलमगीर के साथ-साथ एमबीबीएस एवं बीटेक प्रवेश परीक्षा, चयन समिति एवं नियुक्ति आदि की भी सीबीआई जांच कराने की वकालत की। प्रेस वार्ता के दौरान शेम-शेम के नारे भी लगाए।