उन्होंने कहा कि भीम आर्मी इस परिवार की यहीं पर सुरक्षा करने को तैयार है। प्रशासन मंजूरी दे तो भीम आर्मी के दस हजार कार्यकर्ता यहां रहेंगे और सुरक्षा करेंगे। उन्होंने एसआईटी व सीबीआई जांच पर कहा कि यह तो चलती रहती हैं। डीएम जैसे अफसर ही हर जांच टीम का हिस्सा होंगे।
किसी दिन खबर मिलेगी कि परिवार को ही आरोपी बना दिया। इसलिए परिवार की मांग के अनुसार हमारी भी वही मांग है कि किसी अनुसूचित, अल्पसंख्यक वर्ग के सेवानिवृत्त जज से जांच कराई जाए। उन्होंने सरकार पर सवाल उछालते हुए कहा कि आज बेटी के घर आने वालों को रोकने के लिए जितनी पुलिस लगाई है, अगर इतनी पुलिस बेटियों की सुरक्षा पर लगे तो ये घटनाएं क्यों हों।
मगर पुलिस तो अपराधियों की सुरक्षा में लगी है। इसी कांड के बाद हर दो किमी पर अपराधियों के समर्थन में पंचायतें हो रहीं हैं। उन्हें नहीं रोका जा रहा। उन्हें सुरक्षा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मैं खुद यहां आया हूं, मेरी सुरक्षा का नोटिस प्रशासन व मीडिया के पास है।
अंत में एक बार फिर उन्होंने परिवार को साथ ले जाने की बात दोहराई और उनकी इस बात में बेटी के पिता व भाई ने भी यह कहते हुए समर्थन दिया कि वे गांव से जाने को तैयार हैं। यहां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे।