छह महीने पहले हरदुआगंज इलाके में दुष्कर्म के बाद किशोरी द्वारा आत्महत्या करने के मामले का मानव अधिकारी आयोग ने संज्ञान लिया है। इस प्रकरण में एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के लिए कहा गया।
इस मामले को मानव अधिकार आयोग में ले जाने वाले गाजियाबाद के एडवोकेट आमिर हुसैन एक मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं। उन्होंने आयोग में कहा कि यह घटना समाज को झकझोर देने वाली है। इसमें एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ पहले गलत कार्य किया गया। इसके बाद स्थानीय पंचायत ने आरोपियों को सिर्फ पांच पांच जूते मारने की सजा सुना कर पल्ला झाड़ लिया। इस घटना से आहत होकर किशोरी ने अपनी जान दे दी। उन्होंने कहा कि जीवन जीने का अधिकार सभी को है। जीवन गंवा देने जैसी स्थितियां किसी के लिए बना देना, यह सबसे बड़ा अपराध है। इसके बाद आयोग ने अलीगढ़ जिले के एसएसपी को स्वयं व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर इस मामले की प्रगति से अवगत कराने को कहा है।