अलीगढ़ में थाना अकराबाद क्षेत्र के अलहदादपुर में चार मीट व्यापारियों के साथ हुई मारपीट के मामले ने शहर का सियासी ताप बढ़ा दिया है। मंगलवार को घायलों से कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद, पूर्व सांसद दानिश अली, आप के सांसद संजय सिंह मिलने के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। घटना का हवाला देकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। ऑल इंडिया जमीयत उल क़ुरैश का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष डॉ. हाजी यूसुफ कुरैशी के साथ घायलों से मिलने पहुंचा। इलाज के लिए दो लाख रुपये की सहायता की घोषणा की।
पीड़ितों को कानूनी सहायता देगी कांग्रेस पार्टी
कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद घायलों से मिलने जेएन मेडिकल कालेज पहुंचे। उन्होंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में व्यापारियों के साथ मारपीट हुई। पुलिस की गाड़ी से खींच कर मीट व्यापारियों को बेरहमी से पीटा गया। पीड़ितों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया। हम पीड़ितों के साथ खड़े हैं। कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अमरोहा के पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली ने कहा कि आरएसएस और भाजपा को सत्ता में बने रहने के लिए धार्मिक कट्टरता चाहिए। यही वजह है कि इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं। पहलगाम और अलीगढ़ की घटनाओं के चेहरे भले ही अलग हैं लेकिन नफरत एक ही है।
घायलों की आवाज को आप संसद में उठाएगी
घायलों से मिलने पहुंचे आम आदमी पार्टी के राज्य सभा से सांसद संजय सिंह ने कहा कि घायल मीट व्यापारियों की आवाज को वह संसद में उठाएंगे। घटना के कई आरोपी हैं जिनको गिरफ्तार नहीं किया गया है। हमारी मांग है कि इनकी जल्द गिरफ्तारी हो और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चले। जो मीट व्यापारी पिटे हैं वह वैध तरीके से माल लेकर जा रहे थे। लेकिन सरकार ने गुंडागर्दी का लाइसेंस दे रखा है। जानबूझ कर माहौल बिगाड़ने के लिए संरक्षण दे रखा है। प्रदेश के अंदर लखनऊ में 24 घंटे के अंदर 24 हत्याएं हो रही हैं इससे प्रदेश की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। पीड़ितों के लिए हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। इलाज में मदद करेंगे।
मीट व्यापारियों पर हमला करने वाले दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो ऑल इंडिया जमीअतुल कुरैश देशभर में धरना-प्रदर्शन करेगा और भूख-हड़ताल पर बैठकर इन्साफ की गुहार लगाएगा।ये एलान मंगलवार को जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायल मीट व्यापारियों से मिलने के बाद ऑल इंडिया जमीअतुल कुरैश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. यूसुफ कुरैशी ने किया है। उन्होंने कहा कि अब तक जो मीट सैंपल मथुरा भेजे गए हैं, उनमें भैंस की मीट की रिपोर्ट आई है। मीट व्यापारियों पर हमला एक दर्दनाक और खतरनाक घटना है। मीट व्यापारियों पर जानलेवा हमला करने वाले दोषियों पर एनएसए लगाया जाए। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो देशभर में धरना-प्रदर्शन होगा और भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार से मांग है कि घायलों को पांच-पांच लाख रुपये की मदद की जाए। व्यापारियों के माल को बरामद किया जाए। कुरैश समाज को कमजोर, बेरोजगार और भुखमरी का शिकार बनाने की कोशिश की जा रही है। प्रदेश में स्लाटर हाउस बंद हो गए। समाज के बच्चे तालीम से महरूम रह गए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जल्द ही दिल्ली में रैली होगी, जिसमें देशभर के समाज के लोग जुटेंगे, जिस तरह वर्ष 2002 में जुटे थे। दिल्ली बंद कराएंगे।
घायलों को दो लाख रुपये की मदद
जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायलों के इलाज के लिए जमीयतुल कुरैश की ओर से दो लाख रुपये दिए गए। प्रतिनिधिमंडल में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मेहरबान कुरैशी, मोहम्मद शफीक कुरैशी, अकील, उत्तर प्रदेश सचिव नूर मोहम्मद, मोहम्मद कफील, मोहम्मद नवाब, एमएस ग्रुप के अध्यक्ष मोहम्मद सगीर मोहम्मद जाहिद, मुजम्मिल, दानिश आदि मौजूद रहे।
आरोपियों पर मुकदमा दर्ज है, कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी: डीएम
अलीगढ़ जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कहा कि मीट व्यापारियों पर हमले के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। आरोपियों पर कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले में बेहद गंभीर है और अपना काम कर रही है।
पनैठी क्षेत्र में मीट ले जाने के दौरान हुए बवाल के बाद अब जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। मंगलवार को प्रशासन ने मीट परिवहन के संबंध में कई अहम फैसले लिए हैं। इसके तहत अब मीट के परिवहन के लिए केवल इंसुलेटेड वैन का ही इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उपयोग आमतौर पर खाद्य पदार्थों और तापमान-संवेदनशील उत्पादों के लिए होता है। इस संबंध में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक बैठक हुई। इसमें एडीएम सिटी एके भट्ट, एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक, पशुपालन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एफएसडी के अधिकारी शामिल हुए। एडीएम सिटी ने बताया कि जिले में फैक्टरियों से मीट की आपूर्ति मान्य है। जिले की तीन फैक्टरियों से कारोबारी मीट खरीदारी कर रहे हैं।
नए नियम और शर्तें
- इंसुलेटेड वैन का उपयोग : मीट फैक्टरियां अब अपने स्तर से इन वैन से मीट की आपूर्ति करेंगी, इसके लिए परिवहन शुल्क वसूल कर सकेंगी।
- रसीद पर मुहर अनिवार्य : फैक्टरियों को स्थानीय स्तर पर आपूर्ति करने पर रसीद पर अनिवार्य रूप से मुहर लगानी होगी, जिससे खरीद की प्रमाणिकता स्पष्ट हो सके।
- एफएसडीए की जांच : खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (एफएसडीए) भी खरीदारों की जांच करेगा, लाइसेंस के अनुसार क्षमता तय की जाएगी।
पनैठी की घटना के बाद अब मीट की आपूर्ति केवल फैक्टरियों की गाड़ियों से ही होगी। इसके लिए कारोबारियों को फैक्टरी संचालकों को शुल्क जमा करना होगा। फैक्टरी से गाड़ी बाहर निकलने पर प्रबंधन को रसीद पर मुहर के साथ ही गेट पास भी जारी करना होगा। एफएसडीए की जांच-पड़ताल के बाद जरूरत के अनुसार ही लाइसेंस धारियों को मीट लेने की अनुमति होगी। - अमित कुमार भट्ट, एडीएम सिटी