जाति प्रमाण पत्रों की जांच झेल रहे पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष व भाजपा जिला महामंत्री पंकज पवार विजिलेंस जांच में सवर्ण (ठाकुर) जाति के पाए गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर खैर नगर पालिका अध्यक्ष की सुरक्षित सीट पर चुनाव लड़कर चेयरमैनी जीती और इन्हीं प्रमाण पत्रों पर उन्होंने व उनकी पत्नी ने आगरा में सरकारी नौकरी पाई। इतना ही नहीं गोंडा में गैस एजेंसी भी हासिल की। इस मामले में विजिलेंस आगरा के निरीक्षक ख्यालीराम आदित्य ने खैर थाने में पंकज पवार व उनकी पत्नी रजनी पवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।
थाने में धारा 471/468/420/409 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 धारा 13(1) व 13(2) के तहत दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार कस्बे के कुछ लोगों ने उनके खिलाफ जाति में फर्जीवाड़े को लेकर शिकायत शासन में की थी। सतर्कता अनुभाग द्वारा 16 नवंबर 2017 को पंकज पवार व उनकी पत्नी रजनी पवार के विरुद्ध जांच के आदेश दिए। यह जांच आगरा विजिलेंस के निरीक्षक ख्यालीराम आदित्य द्वारा की गई। जांच रिपोर्ट 19 फरवरी 2020 में शासन को प्रेषित की गई थी। वहां से संस्तुति के उपरांत 5 जून 2020 को मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए।
जिसके आधार पर यह मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे में आरोप हैं कि पंकज पवार की पत्नी रजनी पवार पुत्री लोचन सिंह ग्राम रुधऊ टूंडला फिरोजाबाद की निवासी हैं। परिवार रजिस्टर में उनकी जाति ठाकुर अंकित है। जिसे खंड विकास अधिकारी टूंडला ने प्रमाणित किया है। पंकज पवार के सगे चाचा सुरजीत सिंह पुत्र राजपाल सिंह निवासी मोहल्ला शिकरवार की टीसी ओपीएम इंटर कॉलेज खैर द्वारा उपलब्ध कराई गई, जिसमें जाति ठाकुर अंकित है। पंकज पवार की मां विमलेश देवी के राशन कार्ड में जाति सामान्य लिखी पाई गई है। तहसीलदार खैर द्वारा 3 दिसंबर 2008 को पंकज पवार का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनाया गया था। जिसको तत्कालिक तहसीलदार द्वारा 15 दिसंबर 2008 को निरस्त कर दिया गया। जिलाधिकारी अलीगढ़ द्वारा गठित कमेठी की जांच में भी अनुसूचित जाति का नहीं होना पाया गया था।
उपनिबंधक गभाना द्वारा प्रमाणित किए गए एक बैनामा के अनुसार जाति अनुसूचित नहीं पाई गई। इसी प्रकार पंकज पवार के पिता राधेलाल पवार के प्राथमिक विद्यालय प्राचीन खैर में शैक्षिक अभिलेखों में जाति ठाकुर अंकित है। उपरोक्त के आधार पर पाया गया कि पंकज पवार अनुसूचित जाति के नहीं, बल्कि ठाकुर जाति के हैं। इन्होंने अपना व अपनी पत्नी का अगरिया जाति का प्रमाण पत्र बनवाकर अनुसूचित जाति के कोटे से जनपद आगरा प्राइमरी पाठशाला काजी बसेरी फतेहपुर सीकरी आगरा और पत्नी रजनी पवार प्राइमरी पाठशाला पनचक्की फतेहपुर सीकरी आगरा में सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी हासिल की थी। बाद में नौकरी से त्याग पत्र दे दिया। फिर खैर में सुरक्षित सीट पर नगर पालिका अध्यक्ष पद प्राप्त किया। 28 नवंबर 2011 में आरक्षित कोटे से गोंडा साईं राम इंडेन गैस एजेंसी प्राप्त की है। आरोप है कि उपरोक्त पदों पर लाभ लेते हुए पांच करोड़ इक्यानवे लाख ग्यारह हजार सात सौ आहरण किए गए हैं। एसपी देहात अतुल शर्मा ने विजिलेंस द्वारा यह मुकदमा दर्ज कराए जाने की पुष्टि की है।
मैं इस विषय में लंबे समय से लड़ाई लड़ रहा हूं। राजनीतिक विद्वेषवश कुछ लोग मेरे पीछे लगे हैं। मेरे पास हाईकोर्ट तक के आदेश हैं और एक नहीं कई कई दस्तावेज हैं। मगर विजिलेंस ने अपनी जांच के दौरान मेरा पक्ष ही नहीं सुना है। अब सीधे मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। इस विषय में मैं अपना पक्ष शासन स्तर पर रखुंगा।
- पंकज पवार, जिला महामंत्री भाजपा/पूर्व पालिका अध्यक्ष खैर