कोरोना से मृत जिले के एकमात्र संक्रमित व्यक्ति का अल्ट्रासाउंड करने एवं कोविड 19 प्रोटोकाल का पालन न करने के मामले में मेरिस रोड का केयरवैल अल्ट्रासाउंड सेंटर सील कर दिया गया है। अस्पताल संचालक डा.जीशान का कोरोना परीक्षण कराया गया है। उनके साथ ही स्टाफ के पांच लोगों का भी परीक्षण कराया गया है। इन सभी को छेरत में क्वारंटीन किया गया है। 18 अप्रैल को यहां आए मरीजों का भी परीक्षण होना तय किया गया है।
कोरोना से मृत मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री खोजने में जुटी पुलिस को यह जानकारी हुई कि सेंटर प्वाइंट पर एक्सरे कराने के साथ-साथ इस मरीज ने 18 अप्रैल को ही मैरिस रोड के केयरवैल अल्ट्रासाउंड सेंटर पर अपना अल्ट्रासाउंड कराया था। यह जानकारी मृतक के परिजनों से मिलने के बाद बुधवार को एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह एवं एसीएमओ डा.अनुपम भास्कर ने जांच की। जांच के उपरांत कोरोना संक्रमित का बगैर प्रशासन अथवा सीएमओ को सूचना दिए अल्ट्रासाउंड करने के मामले में सेंटर को सील कर दिया गया। एसीएम द्वितीय ने बताया कि अस्पताल के स्टाफ के पांच लोगों एवं डाक्टर के सलाइवा के सैंपल लिए गए हैं। सभी को छेरत के होम्योपैथिक मेडिकल कालेज में क्वारंटीन किया गया है। 18 अप्रैल को अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों का रिकार्ड ले लिया गया है। इन सभी का भी परीक्षण होगा।
-मुझे जैसे ही कोविड-19 पॉजिटिव मरीज के बारे में मेरे स्टाफ के लोगों ने जानकारी दी, वैसे ही मैंने एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते इसकी जानकारी स्वास्थ्य अधिकारियों को दे दी। पॉजिटिव मरीज उनके सेंटर पेट का अल्ट्रासाउंड कराने आया था। मैंने सीएमओ का मोबाइल नंबर गूगल से निकालकर उन्हें फोन किया, लेकिन नंबर नहीं मिला। फिर, मैंने जिला मलेरिया अधिकारी राहुल कुलश्रेष्ठ को 21 अप्रैल की रात फोन कर मरीज के सेंटर पर अल्ट्रासाउंड के लिए आने की पूरी जानकारी दी। डॉ. कुलश्रेष्ठ द्वारा मांगी गई सभी जानकारी उनके मोबाइल नंबर पर भेज दी थी।
-डॉ. जीशान हैदर रिजवी, संचालक, केयर वेल अल्ट्रासाउंड सेंटर
अलशिफा में नहीं मिला मरीजों का रिकार्ड
उस्मानपाड़ा के कोरोना संक्रमण से मृत मरीज का इलाज करने वाले अल शिफा हास्पिटल की डाक्टर व स्टाफ के सैंपल भरने वाली टीम के सामने एक नई परेशानी खड़ी हो गई है। 18 एवं 19 अप्रैल को अस्पताल में आये मरीजों का रिकार्ड अस्पताल प्रशासन के पास नहीं है। अस्पताल के रजिस्टर में मात्र उनके नाम व अधूरे पते दर्ज हैं। इससे उन मरीजों तक पहुंचना स्वास्थ्य टीमों के लिए संभव नहीं हो पा रहा है। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि इन सभी मरीजों की खोजबीन कराई जा रही है।