रुद्रपुर रामपुर उत्तराखंड के मारूफ अली ने यहां इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर सूचना दी थी कि उसकी कार बिटारा ब्रिजा का अलीगढ़ में यमुना एक्सप्रेस वे पर 26 फरवरी को चालान काटा गया है, जबकि वह कभी अलीगढ़ नहीं आया।
उत्तराखंड में पजीकृत कार के नंबर का क्लोन बनाकर शहर में एक ठेकेदार कार दौड़ा रहा था। जब इस कार का यमुना एक्सप्रेस वे पर चालान हुआ और मैसेज उत्तराखंड के कार स्वामी तक पहुंचा तो उसने अलीगढ़ पुलिस से संपर्क किया। उसकी शिकायत पर अलीगढ़ पुलिस ने ठेकेदार को कार सहित गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। इस काम में आईट्रिपल-सी प्रभारी धीरेंद्र सिंह व उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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इंस्पेक्टर सिविल लाइंस संजय कुमार जायसवाल के अनुसार रुद्रपुर रामपुर उत्तराखंड के मारूफ अली ने यहां इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर सूचना दी थी कि उसकी कार बिटारा ब्रिजा का अलीगढ़ में यमुना एक्सप्रेस वे पर 26 फरवरी को चालान काटा गया है, जबकि वह कभी अलीगढ़ नहीं आया। चालान में दर्शाए गए फोटो में वाहन भी उनका नहीं है। इस पर आई ट्रिपल-सी प्रभारी ने जब कार नंबर को साफ्टवेयर पर सर्च किया तो बुधवार शाम वह सेंटर प्वाइंट पर खड़ी देखी गई।
वहां कार को पुलिस ने चित्रांजलि कालोनी स्वर्णजयंती नगर निवासी ठेकेदार विमल उपाध्याय संग पकड़ा। उसने बताया कि कुछ समय पहले उसने वो कार अजय नाम के व्यक्ति से ढाई लाख रुपये में खरीदी थी। अजय उससे अक्सर ढाबे पर मिलता था। वहीं मुलाकात में कार का सौदा हुआ था। मगर विमल पुलिस की अजय से मुलाकात नहीं करा पाया। मामले में कार को चोरी का पाते हुए विमल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अजय की तलाश जारी है।