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Aligarh News: कार्टन उठाते समय केंटर गड्ढे में पलटा, चालक की मौत, परिवार में छाया मातम

Fri, 27 Mar 2026 04:49 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

व्यक्ति घरेलू सामान केंटर में ले जा रहा था। एक कार्टन उससे नीचे गिर गया। चालक उस कार्टन को उठाने गया तो केंटर पीछे खिसकने लगा। चालक ने ब्रेक लगाकर रोकने की कोशिश की। केंटर सड़क किनारे गड्ढे में खिसक कर पलट गया। चालक की केंटर के नीचे दबकर मौत हो गई। 
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पलटा हुआ केंटर, जिसके नीचे दबकर हुई चालक की मौत - फोटो : संवाद
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विस्तार
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गंगीरी क्षेत्र के गांव मखदूमनगर की पुलिया पर 27 मार्च को केंटर के नीचे दबकर कासगंज निवासी चालक की मौत हो गई। वह केंटर में अलीगढ़ से घरेलू सामान लेकर कासगंज जा रहा था। 

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कासगंज के सोरों के गांव सियेपुर निवासी 30 वर्षीय कृष्णगोपाल पुत्र सुरेंद्र सिंह अपनी केंटर स्वयं चलाता था। 27 मार्च को अलीगढ़ से घरेलू सामान लादकर कासगंज जा रहा था। दोपहर करीब डेढ़ बजे मखदूमनगर पुलिया के पास केंटर से एक कार्टन नीचे गिर गया। उसे उठाने के लिए कृष्णगोपाल ने गाड़ी सड़क किनारे खड़ी कर दी और नीचे उतर गया। इसी दौरान अचानक केंटर पीछे की ओर ढरकने लगा। 
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स्थिति को संभालने के लिए कृष्णगोपाल ने खिड़की खोलकर हाथ से ब्रेक लगाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक केंटर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गया। वह भी उसके नीचे दब गया। हादसे के बाद मौके पर भीड़ एकत्रित हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से केंटर को उठवाकर शव को बाहर निकाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। 

परिवार वालों के पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। मृतक के बड़े भाई शैलेश कुमार ने बताया कि कृष्णगोपाल ही केंटर चलाता था। उसकी एक साल पहले दूसरी शादी हुई थी और दो महीने का बेटा है। बेटे की मौत से मां शीशकली का रो-रोकर बुरा हाल है।
                 

चालक कृष्ण कार्टन उठाने नीचे उतरा, तभी केंटर पीछे खिसकने लगा। तो चालक कृष्णगोपाल ने खिडकी खोल कर हाथों से ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन केंटर इतने में सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। चालक कृष्णगोपाल की केंटर के नीचे दबकर मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केंटर को उठवा कर चालक के शव को निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 
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सूचना पर पहुंचे परिजनों में चीख पुकार मच गई। मृतक के बडे भाई शैलेश कुमार ने बताया कि कृष्णगोपाल की एक साल पहले ही दूसरी शादी हुई थी, जिस पर दो महीने का एक बेटा है। अगर कृष्ण गोपाल केंटर को ब्रेक लगा कर रोकने का प्रयास नहीं करता तो बच सकता था। मृतक की मां शीशकली का बेटे की मौत पर रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक ने अपने पीछे पत्नी-बेटे को रोते-बिलखते छोड़ा है।

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