निर्दलीय प्रत्याशी केशवदेव गले में चप्पलों की माला पहनकर कलेक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर फर्श पर ही धरने पर बैठ गए। करीब घंटे भर तक उन्होंने हंगामा किया। किसी तरह उन्हें समझाया गया और प्रमाण पत्र व वाहन पास जारी किया गया, तब कहीं वे शांत हुए।
अलीगढ़ लोकसभा से निर्दलीय प्रत्याशी केशवदेव चप्पलों की माला पहन कर डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गया। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी बतौर नामांकन पत्र वापस लेने वाले भूपेंद्र पाल सिंह ने जबरन पर्चा वापस करने का आरोप लगाया है।
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लोकसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे केशव देव उर्फ केशवदेव गौतम ने 9 अप्रैल को प्रशासन द्वारा प्रत्याशी होने का प्रमाण पत्र एवं चुनाव प्रचार के लिए वाहन पास व सुरक्षा उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया। विरोध में वे गले में चप्पलों की माला पहनकर कलेक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर फर्श पर ही धरने पर बैठ गए। करीब घंटे भर तक उन्होंने हंगामा किया। किसी तरह उन्हें समझाया गया और प्रमाण पत्र व वाहन पास जारी किया गया, तब कहीं वे शांत हुए।
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निर्दलीय प्रत्याशी केशव देव का कहना था कि जिला प्रशासन की ओर से अभी तक उन्हें यह प्रमाण पत्र नहीं दिया है कि वह लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी हैं। उन्हें चुनाव प्रचार के दौरान सुरक्षा कर्मी भी प्रदान नहीं किया गया है। वाहन पास भी जारी नहीं किया गया है। वे अपने दो साथियों के साथ गले में अपने चुनाव चिह्न चप्पल की माला पहनकर डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
इधर, 8 अप्रैल को नामांकन पत्र वापस लेने वाले निर्दलीय प्रत्याशी भूपेंद्रपाल सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें जबरन डरा- धमकाकर नामांकन पत्र वापस कराया है। वे शिकायत लेकर डीएम से मुलाकात करने पहुंचे। डीएम के न मिलने पर वे वापस घर चले गए। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन करने वाले भूपेंद्र पाल सिंह ने बताया कि उन्हें कुछ लोग घर से जबरन बुलाकर ले गए और एक कमरे में ले जाकर बंद कर दिया। फिर उनसे जबरन एक खाली कागज पर उनके हस्ताक्षर करा लिए इसके बाद उनका नामांकन वापस करा दिया।