एडीजी आगरा जोन राजीव कृष्ण ने सोमवार को साफ कहा है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में बाहरी छात्रों की अगुवाई में प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं होगा। इसके लिए एएमयू इंतजामिया से वार्ता की जा रही है। एएमयू के प्रोफेसर भी किसी उग्र प्रदर्शन से बचें। बच्चों को आगे कर प्रदर्शन के सवाल पर अलीगढ़ में हुई जेजे एक्ट के तहत कार्रवाई को उन्होंने नजीर बताया। आगे भी इस तरह की कार्रवाई होंगी, चाहे वह कोई भी हो। विरोध-प्रदर्शन सिर्फ संवैधानिक दायरे में ही करें।
पुलिस लाइन मीटिंग हॉल में मीडिया से बातचीत में एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने कहा कि बीते शुक्रवार को अलीगढ़ में सुरक्षा इंतजाम संतोषजनक रहे। उनमें कुछ सुधार की गुंजाइश देखी गई, जिसके लिए निर्देशित किया गया है। एएमयू में हुए प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन सभी का संवैधानिक अधिकार है। मगर इसकी आड़ में उग्र प्रदर्शन या बच्चों को आगे कर प्रदर्शन सहन नहीं होगा। चाहें वे प्रोफेसर करें या छात्र। विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी लोग किसी भी कीमत पर सहन नहीं होंगे। इनसे पुलिस निपटेगी और एएमयू इंतजामिया से भी वार्ता की जाएगी। उन्होंने कहा कि कौड़ियागंज में जो हुआ, उसमें कहीं लापरवाही परिलक्षित नहीं हुई है, क्योंकि वह जुमे की नमाज के कई घंटे बाद साढ़े तीन बजे अचानक बच्चों को आगे कर बवाल किया गया। उसमें अलीगढ़ पुलिस ने बाल संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर अन्य जनपदों के लिए नजीर पेश की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण को लेकर पुराने बवालियों, अराजक तत्वों की सूची बनाकर उन्हें रडार पर लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ बेहद संवेदनशील जिलों में शामिल है, जिसमें प्रथम सर्किल व सिविल लाइंस सर्किल बेहद महत्वपूर्ण इलाके हैं। इनमें विशेष तैयारी की जरूरत है। यहां के हालात प्रदेश स्तर पर चिंता का विषय रहते हैं। इसलिए आगामी जुमे पर भी और ज्यादा तैयारी रखनी होगी। इसके निर्देश दिए गए हैं।
शराब कांड में हुई ऐतिहासिक कार्रवाई
एडीजी राजीव कृष्ण ने शराब कांड से जुड़े सवाल पर कहा कि अलीगढ़ की इस घटना पर हुई कार्रवाई अपने आप में ऐतिहासिक है। अब इसके मुकदमों का ट्रायल भी प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। जल्द से जल्द सजा कराने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि लूट जैसी घटनाओं के कुछ गैंग अभी सक्रिय हैं। घटनाओं का खुलासा नहीं हुआ है। इसको लेकर निर्देशित किया गया है। जल्द इन अपराधियों को जेल भेजा जाएगा। इस मौके पर डीआईजी दीपक कुमार, एसएसपी कलानिधि नैथानी, एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, एसपी देहात पलाश बंसल, एसपी यातायात मुकेश चंद्र उत्तम, सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय, सीओ इगलास राघवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।