जनता कर्फ्यू के दौरान अस्पतालों की इमरजेंसी सेवाएं खोले रखने के आदेश के बाद भी अतरौली सीएचसी में इसकी अनदेखी की गई। रविवार को सांड़ के हमले से घायल महिला को सीएचसी के इमरजेंसी में लाया गया, मगर यहां डॉक्टर नहीं थे। इलाज न मिलने से महिला की मौत हो गई। एसडीएम ने लापरवाह डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र लिखा है।
गांव बैमवीरपुर निवासी सीता देवी (65) पत्नी रामपाल शर्मा शनिवार की रात अपने घेर से घर जा रही थीं। तभी एक सांड़ ने उन पर हमला बोल दिया। वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। रविवार सुबह गंभीर हालत में परिवार वाले उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे। सीता की बेटी आशा शर्मा ने बताया कि वहां काफी देर तक चिकित्सकों के आने का इंतजार किया गया, मगर कोई देखने नहीं आया।
ड्यूटी पर तैनात एक फार्मासिस्ट ने सीता का उपचार करने का प्रयास भी किया, मगर उचित इलाज नहीं मिलने से उन्होंने दम तोड़ दिया। इससे परिवार में कोहराम मच गया। गांव के तमाम लोग सीएचसी पहुंचे और डॉक्टरों के इमरजेंसी में नहीं रहने पर काफी नाराजगी जताई।
इमरजेंसी से ड्यूटी कर रहे डॉक्टर के गायब होने की शिकायत गंभीर है। इस मामले में सीएमओ को संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए लिखा गया है। चिकित्सा प्रभारी को इमरजेंसी ड्यूटी में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी गई है। -पंकज कुमार, एसडीएम
इमरजेंसी में डॉक्टर शहजाद की ड्यूटी थी। वह ड्यूटी पर क्यों नहीं थे, इस बाबत उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। जबाव मिलने पर कार्रवाई होगी। ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट ने महिला का चेकअप किया था। उनकी मौत काफी पहले हो चुकी थी। -डॉ. दुर्गेश, प्रभारी 100 बेड