सुरेश कुशवाह के गायब होने की जानकारी देते भाजपा जिलाध्यक्ष देवराज सिंह।
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जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव प्रकरण में शनिवार को एक नया मोड़ आ गया है। एक जिपं सदस्य के गायब होने का मामला सामने आया तो राजनीति गरमा गई लेकिन इस सदस्य ने कहा है कि वह देवी के दर्शन को गए हैं। वे आठ अक्तूबर तक वापस आएंगे।
गौर हो कि 6 अक्तूबर को जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आना है। 52 सदस्यों वाले जिला पंचायत में 27 का समर्थन जरूरी है। ऐसे में दोनों पक्षों में अधिक से अधिक सदस्यों को अपने पाले में करने की खींचतान मची है।
शनिवार दोपहर भाजपा विधायक रवींद्र पाल सिंह एवं जिलाध्यक्ष चौ. देवराज सिंह के साथ पहुंचे राकेश कुशवाह ने एसएसपी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड 46 से सदस्य चुने गए उनके भाई सुरेश कुशवाह दो माह से गायब हैं। वे विरोधी गुट के अहम सदस्य अजीत गौड़ के साथ गए थे। शुरू में बात हुई थी, अब लंबे समय से उनकी कोई सूचना नहीं है।
बकौल भाजपा जिलाध्यक्ष चौ. देवराज सिंह शनिवार को भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य सुरेश कुशवाह के छोटे भाई राकेश भाजपा कार्यालय आए और अपने भाई के लंबे समय से गायब होने की बात कहते हुए मदद मांगी। इस पर हम उसे लेकर एसएसपी के पास ले गए। एसएसपी ने राकेश को अकेले में ले जाकर कुछ बात की है। अब आगे की कार्रवाई होगी। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिपं अध्यक्ष उपेंद्र सिंह ‘नीटू’ की कुर्सी को किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। बहुमत उनके साथ है। भाजपा विरोधियों को पार्टी से जल्द निष्कासित कर दिया जाएगा।
इधर, जिला पंचायत सदस्य अजीत गौड़ और जिला पंचायत सदस्य सुरेश कुशवाह ने एसएसपी को संबोधित वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर कहा कि यह सब विरोधियों की चाल है। वे राकेश को जबरन घर से ले गए थे। उन्होंने दबाव डलवाकर पहले तेजवीर गुड्डू, फिर सुधीर चौधरी के खिलाफ अपहरण का आरोप लगाने को कहा। यह सब साजिश के तहत किया गया है। सुरेश कुशवाह ने कहा कि वह अपनी मर्जी से नगरकोट वाली देवी के दर्शन करने गए हुए हैं। वे आठ अक्तूबर को स्वयं एसएसपी कार्यालय में आकर अपना पक्ष प्रस्तुत करेंगे।