आर्थिक परिस्थितियों के चलते जरायम की दुनिया में कदम रखने की फिल्मी कहानी एक अगस्त को अवध प्लाजा के स्वामी व टीटी कोच अजीत से हुई 2.20 लाख की लूट के मामले में सच साबित हुई। अजीत संग हुई लूट का पुलिस ने बुधवार को खुलासा किया। पुलिस पूछताछ में एक आरोपी ने स्वीकारा कि उसने लूट की वारदात को बहन की शादी के लिए दहेज इकट्ठा करने को अंजाम दिया था। इसके लिए चार दोस्तों संग एक गैंग बनाया। गैंग में एक सदस्य एएमयू यूनियन स्कूल में पढ़ने वाले दसवीं के छात्र व अजीत शर्मा की फुटवियर दुकान में काम करने वाले एक पुराने नौकर को शामिल किया। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया।
एसएसपी आकाश कुलहरि ने लूट का खुलासा करते हुए बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर थाना पुलिस औैर एसओजी की टीम ने फारिक पुत्र राजू निवासी आईजी हाल, कंकड़ वाली गली, सिविल लाइंस, फैजान पुत्र गुलजार निवासी अनवार हुदा, सिविल लाइंस, फैजान पुत्र रऊफ अहमद निवासी आईजी हाल, कंकड़ वाली गली, सिविल लाइंस व एएमयू यूनियन स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं के एक नाबालिग छात्र की शिनाख्त की। मुखबिर की सूचना के आधार पर बुधवार को फारिक, फैजान पुत्र गुलजार और एएमयू छात्र को अमीर निशा में दबिश देकर पकड़ लिया। इनके पास से लूट के 1.7 लाख रुपये बरामद हुए, जबकि फैजान पुत्र रऊफ फरार है।
लुटेरे फारिक ने पूछताछ में बताया कि उसकी बहन की शादी होने वाली है। उसकी शादी में दहेज देने को पैसों की जरूरत थी। इसके लिए दोस्तों संग गैंग बनाया। फैजान पुत्र गुलजार ने अजीत शर्मा से लूट क रने को कहा था। फैजान उसके यहां एक साल पहले नौकरी करता था। फैजान ने बताया था कि अजीत के पास से लूट करने पर आठ से दस लाख की रकम मिल सकती है। इसके बाद योजना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।
अजीत की दुकान से हटने के बाद दिल्ली में काम करने लगा था फैजान
पुलिस ने बताया कि अजीत की दुकान से हटने के बाद फैजान वर्तमान में दिल्ली में प्लम्बर का काम करने लगा था। मगर, उसे अजीत के पैसे वाला होने और घर में अकेले रहने की जानकारी दी। इसी वजह से उन्होंने सुबह के समय वारदात को अंजाम दिया। 27 जुलाई को भी उन्होंने लूट का प्रयास किया था। मगर, उस दिन वह सफल नहीं हो पाए थे।
पुलिस टीम को 20 हजार का इनाम
एसएसपी ने बताया कि डीआईजी ने लुटेरों को दबोचने वाली टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में सिविल लाइंस इंस्पेक्टर अमित कुमार, क्राइम ब्रांच प्रभारी छोटे लाल, सर्विलांस सेल प्रभारी अभय शर्मा, एसआई मुकेंद्र कुमार, एसआई सर्विलांस संजीव कुमार, सर्विलांस सेल के हेड कांस्टेबल राकेश कुमार, कांस्टेबल मनोज कुमार, अखिलेश प्रताप, ज्ञानवीर सिंह, सतीश कुमार, नाजिम, अजीम खां, प्रमोद कुमार, प्रशांत यादव शामिल रहे।