त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नामांकन से लेकर मतगणना तक में कोविड के नियमों की धज्जियां उड़ गईं। रविवार को जिले के 12 ब्लाकों में बने मतगणना स्थलों पर कोविड नियमों का पालन नहीं हुआ। प्रत्याशियों को साफ तौर पर हिदायत थी कि वह या तो खुद या फिर अपने एजेंट को मतगणना बूथ पर रखेंगे। मगर, प्रत्याशियों के कई-कई एजेंट मौजूद रहे।
इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का तो पालन हो नहीं सका। टेबलों पर भीड़ टूट पड़ी। हालांकि प्रशासन ने धनीपुर मंडी समेत अन्य केंद्रों पर मतगणना शुरू होने से पहले एंटीजन किट से संदिग्धों की जांच कराई। किसी में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई।
पुलिस-प्रशासन, मतगणना कार्मिकों ने तमाम प्रयास किए कि टेबलों पर भीड़ न जुटे। मगर, इस नियम का वह पालन नहीं करा सके। मतगणना कार्मिकों ने डर के साये में अपनी ड्यूटी की।
इस दौरान दिन भर पुलिस प्रशासनिक अधिकारी सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए रहे। मगर सफलता नहीं मिली। इसे लेकर अब एक ही बात कही जा रही है कि यह हालात कहीं अब गांव की ओर कोरोना का रुख न करा दें।