दुष्कर्म की शिकार बिटिया अपनी तकलीफों को बताना चाहती है, लेकिन जुबां खामोश है। दरअसल, दरिंदों ने उसकी जुबान काट दी। गर्दन वो हिला नहीं सकती, क्योंकि गर्दन की हड्डी तीन जगह से तोड़ दी गई। आंखें खुलती भी हैं, तो उनमें सिर्फ गम व गुस्से का पानी होता है। यह दिल दहलाने वाला मंजर एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में है, जहां हाथरस के चंदपा की बेटी भर्ती है, जिसके साथ दरिंदों ने दरिंदगी की है।
बिटिया की तीमारदारी में लगे पिता ने कहा कि उन्हें तनिक भी आभास नहीं था कि रंजिश में उनकी बेटी को निशाना बनाया जाएगा। वो भी इतने वीभत्स तरीके से। सोच कर सिहर जाता हूं कि इतनी नफरत अभियुक्त कहां से लेकर आए थे। बहरहाल, बेटी जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। कहा, दरिंदों ने बेटी के गर्दन की हड्डी तीन जगह से तोड़ी है। जुबान काटी है। रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें पहुंचाई हैं। शरीर का निचला हिस्सा ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा है। खींचतान में उसके हाथ-पैरों में भी जख्म हैं। अब केवल भगवान का ही आसरा है।
भाई ने बताया कि बहन की हालत नाजुक है। वह वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत जंग लड़ रही है। बस, दुआओं का ही भरोसा है। उसकी हालत देखकर मन रोने लगता है। बहन की कुशलक्षेम पूछने वालों से यही प्रार्थना करता हूं कि बहन के जीवन के लिए प्रार्थना करना। उसके आंखों में गम के आंसू हैं। वो केवल पलक झपकती है।