मीट बिक्री के नए साइसेंस न मिलने के कारण इसका व्यापार करने वाले लोग परेशान हैं। लाइसेंस का आवेदन करने वाले लोगों का आरोप है कि लाइसेंस जारी करने वाले निरीक्षक सुविधा शुल्क के बिना लाइसेंस जारी नहीं कर रहे हैं।
योगी सरकार के बनते ही अवैध मीट बिक्री करने वालों पर प्रशासन ने रोक लगा दी। मीट बिक्री करने वाले लोग लाइसेंस लेने की लाइन में लग गए, लेकिन उन्हें आसानी से लाइसेंस नहीं मिल रहा है। इसको लेकर हाजी शाहिद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त से मुलाकात की।
उन्होंने नगर आयुक्त को बताया कि लाइसेंस जारी करने वाले इंस्पेक्टर 300 रुपये के स्थान पर तीन हजार रुपये वसूल रहे हैं। जो तीन हजार रुपये नहीं देता उसका लाइसेंस नहीं बनाते हैं। मीट बिक्री करने वाले लोग अपनी दुकान को मानक के अनुसार बनवा रहे हैं।
इसमें उनका काफी खर्चा हो रहा है, ऐसे में इंस्पेक्टर को तीन हजार रुपये कहां से दें। उन्होंने बताया कि इस शिकायत पर नगर आयुक्त ने सुविधा शुल्क वसूलने वाले निरीक्षक को बुलाकर फटकारा। इससे पूर्व वह एडीएम सिटी से भी शिकायत कर चुके हैं। कहा कि यदि अब भी वह नहीं सुधरा तो आगे उसके खिलाफ रणनीति बनाकर आंदोलन किया जाएगा।
मेयर ने सीएम को भेजा नगर स्वास्थ्य अधिकारी को हटाने को पत्र
अलीगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में मेयर शकुंतला भारती ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. कुलदीप कुमार के ट्रांसफर की मांग की है। पत्र में उन्होंने कहा है कि चिकित्सक पिछले आठ-नौ वर्षों से यहां तैनात है और वह उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना कर बिना सेनेटरी इंस्पेक्टरों की रिपोर्ट के मीट लाइसेंस निर्गत कर रहे हैं। पूर्व में भी उनकी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। उनकी कार्य प्रणाली से शहर की शांति व्यवस्था बिगड़ सकती है।