अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति जमीरउद्दीन शाह एवं अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. पूजा शकुन पांडेय (महंत मां पूजा नंद गिरी) की मुलाकात की सूचना पर छात्र भड़क गए और वार्ता रोकने के लिए वीसी लॉज को घेर लिया।
इसका नतीजा यह हुआ कि पिछले दरवाजे से निकल कर वीसी को हिंदू महासभा नेता से मिलने पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में जाना पड़ा। इससे पूर्व छात्रों ने बाब-ए-सैयद बंद कर डॉ. पूजा शकुन पांडेय को कैंपस में नहीं घुसने देने का एलान किया।
छात्रों ने कुलपति एवं प्रॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी की और वापसी के समय वीसी की गाड़ी के सामने आ गए। छात्रों के तेवर को देखते हुए कैंपस में सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया।
एएमयू वीसी एवं हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. पूजा शकुन पांडेय की वार्ता शुक्रवार को शाम पांच बजे निर्धारित थी। इसकी सूचना छात्रों तक पहुंच गई। देखते-देखते छात्र गोलबंद हो गए और छात्र संघ अध्यक्ष फैजुल हसन, उपाध्यक्ष नदीम अंसारी, सचिव नबील उस्मानी एवं अबुल फराह शाजली के नेतृत्व में निर्धारित समय के पहले ही बाब-ए-सैयद पर पहुंच गए।
छात्र नेताओं का कहना था कि वह किसी भी सूरत में एएमयू वीसी को हिंदू महासभा की नेता से नहीं मिलने देंगे। बाब-ए-सैयद से छात्र वीसी लॉज पर पहुंच गए। निर्धारित समय के कुछ मिनट पहले वीसी दूसरे दरवाजे से निकल गए और छात्र देखते रह। वीसी कहां गए इसकी भनक उस समय छात्रों को नहीं लगी।
हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. पूजा शकुन पांडेय ने बताया कि निर्धारित समय के कुछ मिनट पहले वीसी ने वीसी लॉज के बदले पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में बातचीत के लिए आने को कहा और वे लोग वहां पहुंच गए। डॉ. पूजा शकुन पांडेय ने बताया कि तीन तलाक पर वीसी से बातचीत हुई।
उन्होंने कहा कि तीन तलाक एवं हलाला के खिलाफ एएमयू से आवाज उठनी चाहिए ताकि मुस्लिम महिलाओं को लगे कि पढ़े-लिखे लोग उनके साथ हैं। एएमयू एक बड़ा प्लेट फार्म है और यहां से आवाज उठती है तो न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में अच्छा संदेश जाएगा।
मुस्लिम महिलाओं के सम्मान के लिए यह जरूरी है। उन्होंने इस मसले पर एएमयू में खुली बातचीत कराने का भी आग्रह किया और कुलपति ने आश्वासन दिया कि वह इसका प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि कुलपति से बातचीत बहुत अच्छी रही। छात्र संघ उपाध्यक्ष नदीम अंसारी ने बताया कि वापसी के समय उन लोगों ने वीसी की गाड़ी को रोक दिया।
छात्रों के विरोध को देखते हुए वीसी को हिंदू महासभा नेता से अपनी बातचीत रद्द कर देनी चाहिए थी, लेकिन निजी स्वार्थ के लिए उन्होंने ऐसा नहीं किया और पिछले दरवाजे से निकलकर पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में जाकर मिले। उनकी नजर उपराष्ट्रपति या किसी अन्य बड़े पद पर है। वह केंद्र को दिखाना चाहते हैं कि छात्रों के विरोध के बावजूद हिंदू महासभा नेता से मिले। कुलपति न आलिम है और न ही उलेमा हैं। वह तीन तलाक पर क्या बातचीत करेंगे।
- फैजुल हसन, अध्यक्ष छात्र संघ
कुलपति जिम्मेदार पद पर हैं। हम किसी से मिलने से इंकार नहीं कर सकते। छात्रों की भावनाओं को देखते हुए कैंपस के बदले पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में मिलने गए थे। धर्म व्यक्तिगत चीज है। इस पर उन्होंने कोई टिप्पणी या बातचीत नहीं की। वीसी से कोई शिक्षा नीति एवं एकेडमिक मसले पर बातचीत करना चाहता है, तो लेटर लिख सकता है। जरूरत पड़ी तो वीसी उससे बातचीत करेंगे, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो।
- उमर पीरजादा, पीआरओ एएमयू