पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय कोविड मरीजों को समर्पित एल-2 अस्पताल में सेंट्रल लाइन में गड़बड़ी आने से 70 से अधिक मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई। करीब डेढ़ से दो घंटे बाद गड़बड़ी दूर होने पर ऑक्सीजन की आपूर्ति बहाल हो सकी। उसके बाद मरीजों की सांस लौटी।
महाराष्ट्र के नासिक में एक हॉस्पिटल में ऑक्सीजन टैंकर में लीकेज की चर्चा खत्म भी नहीं हुई थी कि कोविड अस्पताल में सेंट्रल ऑक्सीजन लाइन में गड़बड़ी आने के बाद खलबली मच गई। अभी 70 से अधिक कोविड मरीज ऑक्सीजन के सहारे सांस ले रहे हैं। आईसीयू में ही करीब 30 मरीज हैं। सेंट्रल लाइन में गड़बड़ी आने से मरीजों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई। किसी के समझ में कुछ नहीं आ रहा था।
एक मरीज ने बताया कि पता नहीं क्यों काफी समय से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो रही। सूचना के बाद अस्पताल के सीमएएस से लेकर अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सेंट्रल लाइन के एजेंसी के इंचार्ज को बुलाया गया। युद्धस्तर पर काम शुरू होने के बाद करीब दो घंटे में गड़बड़ी को दूर किया गया।
उसके बाद जाकर मरीजों को आपूर्ति बहाल हो सकी। कोरोना वार्डों के प्रभारी डॉ. बालकिशन ने बताया कि ऑक्सीजन सिस्टम में गड़बड़ी आने से कुछ समय के लिए आपूर्ति बाधित हुई थी। गड़बड़ी दूर कर दी गई है। अब आपूर्ति बहाल कर दी गई है। एडी हेल्थ डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि आपूर्ति में ऑपरेशनल समस्या थी, जिसे दूर कर दिया गया है। अब कोई दिक्कत नहीं है।
जंबो सिलेंडर से होती है पाइप लाइन में आपूर्ति
पं. दीनदयाल उपाध्याय कोविड अस्पताल में गोल सीढ़ी के पास सेंट्रल सप्लाई स्टेशन स्थित है। इस पाइप लाइन से अस्पताल के 257 बेड जुड़े हैं। स्टेशन के पास जम्बो सिलेंडर लाइन से लगाकर रखा जाता है। वहां पर 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगी होती है। स्टेशन के पास मीटर लगा है, जिससे प्रेशर का पता चलता है। ऑक्सीजन खत्म होने पर तत्काल दूसरी सिलेंडर लगा दिया जाता है।
आपात स्थिति के लिए यह इंतजाम
आपात स्थिति के लिए छोटे सिलेंडर भी अस्पताल में रखे होते हैं। उससे मरीजों को सपोर्ट दिया जाता है। इसके अतिरिक्त अस्पताल के पास 34 ऑक्सीजन कंसट्रेेशन मशीन है।
- सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन में कुछ ऑपरेशनल गड़बड़ी आई थी, जिसे ठीक कर दिया गया है। फोन कर तुरंत एजेंसी के इंचार्ज ब्रजेश शर्मा को बुला लिया गया। वह तुरंत अस्पताल में पहुंच गए। करीब 20-25 मिनट में गड़बड़ी दूर कर दी गई है। मरीजों को परेशानी नहीं होने दी गई। -डॉ. एबी सिंह, सीएमएस, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय।