रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की कोरोना जांच करते कर्मचारी।
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कोरोना के बढ़ते प्रसार के बीच दवाओं की किल्लत की अफवाहों ने जोर पकड़ लिया है। प्रशासन ने साफ किया है कि जनता अफवाहों पर ध्यान न दे। जिले को 3500 किट शासन की ओर से मिली हैं। प्रत्येक किट में आईवर मेक्टिन, पेरासिटामोल, डॉक्सी कैप्सूल, विटामिन सी, जिंक सल्फेट, एजिथ्रोमाइसिन, बी-3 60के, मल्टीविटामिन दवाएं शामिल हैं। किट को पांच दिन के कोर्स के हिसाब से तैयार किया गया है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व एवं दवाओं के नोडल अधिकारी विधान जायसवाल ने बताया कि प्रशासन के पास पर्याप्त मात्रा में दवाएं हैं। जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स के हवाले से दवा कारोबार एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने भी बताया है कि उनको पर्याप्त मात्रा में दवाएं मिल रही हैं। मरीजों व उनके तीमारदारों को घबराने की जरूरत नहीं है। रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर भी स्थिति साफ हो गई है कि इसके विकल्प के तौर पर डेक्सामेथासोन व एस्टरॉयड इंजेक्शन का प्रयोग किया जा सकता है।
कुछेक डॉक्टरों के एजेंडा से बचें मरीज : तीमारदार
प्रशासन ने जनता को संदेश दिया है कि कुछेक डॉक्टरों ने रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर एजेंडा बनाया है। इस एजेंडा का शिकार न हों। प्रशासन ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की बिक्री को अपने कंट्रोल में ले लिया है। जिले के चुनिंदा मेडिकल स्टोर को इसकी सप्लाई प्रतिदिन हो रही है। इस की बिक्री प्रशासन की निगरानी में कराई जा रही है, जिससे की कालाबाजारी से जनता को बचाया जा सके।
एडीएम वित्त ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन लेने के लिए एक गाइडलाइन निर्धारित की गई है। इसके मुताबिक मरीजों को मोबाइल नंबर, वाइटल्स का विवरण, पिछले 4 दिन की बुखार की स्थिति, ऑक्सीजन लेवल, गंभीर बीमारी का विवरण, डॉक्टर का लिखित पर्चा, कोविड-19 रिपोर्ट, आधार कार्ड सीएमओ कार्यालय में जमा कराना होगा।
इसका परीक्षण कर उक्त व्यक्ति को निर्धारित थोक दर पर इंजेक्शन प्रशासन की निगरानी में उपलब्ध कराया जाएगा। कुछ ऐसे डाक्टर संज्ञान में आए हैं जो मरीजों के उपचार के लिए लगातार इसी इंजेक्शन की डिमांड कर रहे हैं, जबकि यह कोई जादुई दवा नहीं है।