सिविल जज कनिष्ठ प्रभाग की न्यायाधीश अनीता सिंह के न्यायालय से निकाह के ठीक अगले दिन दहेज के लिए रिश्ता तोड़ने के मुकदमे में फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। इस मामले में निकाह के बाद जैसे ही दुल्हन विदा होकर पहुंची थी तो उसको दहेज के लिए वापस कर दिया गया था।
अभियोजन पक्ष के एपीओ हरिओम सिंह के अनुसार जमाल अहमद ने अपनी बेटी राबिया खातून की शादी 3 मई 2014 को अब्दुल रहमान निवासी पुरानी चुंगी सिविल लाइंस संग की थी। शादी के दिन ही विवाद हो गया था। इसके बाद जैसे तैसे दुल्हन विदा होकर पहुंची तो अगले दिन ही विवाद होने पर दहेज की खातिर वापस कर दिया गया। इस मामले में पति, ससुर व सास पर अमानत में खयानत व दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया गया। इस मामले में न्यायालय ने पति को दो साल की सजा व दस हजार रुपये जुर्माना, ससुर को दो हजार रुपये जुर्माना व सजा सास को भी छह माह की सजा से दंडित किया है।