बीमारी से निधन के बाद शरीर के पांच प्रमुख अंगों को दान करके पूजा भार्गव एक नया इतिहास लिख गईं। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार नुमाइश मैदान स्थित शवदाह गृह में किया गया। यहां पहुंचे हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। हर किसी को उनके निधन का दुख तो उनके दान पर गर्व भी था। चिता पर लेटी पूजा पंचतत्व में विलीन हुई तो वहीं उनके अंग पांच अलग-अलग शरीरों में प्रत्यारोपण हुए। परिजन प्रत्यारोपण की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
पूजा भार्गव के पति सौरभ भार्गव सराय रहमान में टूरिस्ट बस सर्विस संचालित करते हैं। उनका तेरह वर्षीय पुत्र अनंत भार्गव डीपीएस सीनियर विंग में आठवीं का छात्र है। परिवार को अभी तक यकीन नहीं हो रहा है कि उनकी चहेती भाभी अब इस दुनिया में नहीं हैं। पूजा 13 जनवरी को डीपीएस में आयोजित लोहड़ी के कार्यक्रम मेें शामिल हुई थीं। इससे पहले ऑनलाइन क्लास कर रही थीं। उनको बीते 10-12 दिन से सर्वाइकल का दर्द हो रहा था। इसी कारण स्कूल नहीं गई थीं। लोहड़ी के बाद से उन्होंने ऑफलाइन कक्षाएं लेने के लिए कहा था।
डीपीएस की प्रिंसिपल आरती निगम ने बताया कि स्कूल का ऐसा कोई काम नहीं था, जिसे वह न कर सकती हों। वह मैथ्स डिपार्टमेंट की एचओडी थीं। वह परीक्षा सेल की प्रभारी भी रहीं और 16 साल से यहां सेवा दे रही थीं। बेटे अनंत ने बताया कि मां उन्हें हमेशा प्रोत्साहित करती रहीं। अनंत ने यह भी बताया कि एक बार उन्होंने कहा था कि अगर मुझे कुछ हो जाए तो मेरे शरीर के अंग दान कर देना। पूजा के परिजनों ने बताया कि बीती 13 जनवरी की रात उनकी तबियत खराब हो गई थी। वरुण ट्रामा में डॉक्टरों ने ब्रेन हेमरेज बताया और फोर्टिस अस्पताल रेफर कर दिया। 14 की शाम को फोर्टिस हास्पिटल में दाखिल करा दिया। वहां पर उनके ब्रेन को डेड घोषित कर दिया गया। निधन के बाद बृहस्पतिवार को हदय, फेफड़े, लिवर और किडनी दान करने का निर्णय लिया। उसी दिन उनके अंग शरीर से अलग करके चेन्नई, मुंबई, शालीमार बाग और नोएडा फोर्टिस अस्पताल में जरूरतमंदों के शरीर में प्रत्यारोपण के लिए भेज दिए गए। इन अंगों के प्रत्यारोपण के संबंध में अस्पताल से शनिवार को परिजनों को जानकारी दी जाएगी।
डीपीएस में दौड़ी शोक की लहर
अलीगढ़। दिल्ली पब्लिक स्कूल में भी शोक की लहर दौड़ गई है। प्रिंसिपल आरती निगम ने बताया कि उनका मुस्कुराता हुआ चेहरा हमेशा याद आएगा। डीपीएस के शिक्षक उनकी अंत्येष्टि में भी शामिल हुए। साथ ही घर में शोक संवेदनाएं व्यक्त करने पहुंचे।
डीजे की धुन कर गई परेशान
अलीगढ़। पूजा भार्गव उर्फ अनन्या के देवर गौरव भार्गव ने बताया कि घर में मातम छाया हुआ है। इस दौरान पड़ोस के एक रेस्टोरेंट में देर रात तक डीजे बजता रहा। इसकी शिकायत भी कई बार की गई। कम से कम मातम के समय तो डीजे की आवाज बंद ही की जा सकती थी। गौरव ने मीडिया के सामने इस पर आपत्ति भी जताई।
सेंटर प्वाइंट स्थित आवास में लगा रहा लोगों का आना-जाना
अंग दान महादान जैसी सीख देने वाले भार्गव परिवार के सेंटर प्वाइंट स्थित आवास पर दिन भर लोगों का आना जाना लगा रहा। यहां संवेदनाएं और शोक व्यक्त करते हुए लोगों ने इस कार्य पर गर्व भी महसूस किया।
सभी को इस बात का है इंतजार कि अंग प्रत्यारोपण के बाद क्या कर रहे हैं काम
अंग प्रत्यारोपण के बाद परिजनों से लेकर मित्र और रिश्तेदार इसी इंतजार में हैं कि जिन लोगों के शरीर में अंगों का प्रत्यारोपण किया गया है। क्या वह स्वस्थ हैं। क्या प्रत्यारोपित अंग कार्य कर रहे हैं। इस संबंध में फोर्टिस अस्पताल की डॉ. शानू से वार्ता की गईं तो उन्होंने बताया कि 48 घंटे के बाद ही रिपोर्ट आएगी। तभी पता चलेगा कि प्रत्यारोपण सफल रहा या असफल।
पूजा की कम उम्र में मृत्यु हो गई। इसीलिए यह विचार मन में आया कि इनके अंग जरूरतमंदों को दे दिए जाएं। ताकि हम कह सकें कि पूजा के अंग आज भी सक्रिय हैं। ऐसे कार्यों में अन्य लोगों को भी आगे आना चाहिए। वह मिलनसार थीं, सभी की प्रिय थीं। बहुत अनुशासित थी।
- सौरभ भार्गव, पति