कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला पीपली में गुरुवार की शाम करीब सात बजे घर के बाहर चारपाई पर बैठी दादी और दो नातिनों को बोलेरो गाड़ी ने रौंद दिया। हादसे में चारपाई पर लेटी 45 दिन की दुधमुंही बच्ची की मौत हो गई, जबकि दादी और एक नातिन बुरी तरह घायल हो गईं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।
गांव नगला पीपली निवासी रामवती (65 वर्ष), नातिन टीना (7 वर्ष) पुत्री कैलाश एवं अनन्या (45 दिन) पुत्री कैलाश घर के बाहर चारपाई पर थीं। गुरुवार की शाम सात बजे रामवती अपनी दोनों नातिनों को दुलार रही थीं। अनन्या चारपाई पर लेटी हुई थी। तभी एक बोलेरो कार के चालक ने तेज गति से गाड़ी को बैक किया। बैक करते समय गाड़ी बेकाबू हो गई और पीछे चारपाई पर बैठी रामवती और दोनों बच्चियों को रौंदते हुए पास ही बने सरकारी शौचालय से जा टकराई।
हादसे के वक्त इतनी तेज आवाज हुई कि आसपास के लोग मौके की तरफ दौड़ पड़े। कार चालक घबरा गया और कार को छोड़कर भाग गया। लोगों ने नजदीक जाकर देखा तो पाया कि 45 दिन की अनन्या दम तोड़ चुकी थी, जबकि उसकी रामवती और टीना घायल अवस्था में पड़ी थीं। सूचना पर पोरा चौकी प्रभारी अविनाश दुबे और कोतवाल डीके सिसौदिया पहुंच गए। बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया गया। कोतवाल ने बताया कि घरवालों ने इत्तफाकिया हादसे की तहरीर दी है। पोस्मार्टम की रिपोर्ट का इंतजार है।