पंचायत सामान्य निर्वाचन-2020 की निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण के संबंध में सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। इसमें डीएम ने साफ तौर पर कहा कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी होने पर बीएलओ को जेल भेज दिया जाएगा। सभी बीएलओ के काम का फीडबैक गांव के व्यक्तियों से ही लिया जाएगा। सुपरवाइजर भी अपने कार्य में अभी से सुधार कर लें।
डीएम ने कहा कि वोटर लिस्ट का कार्य पूर्ण पारदर्शिता के साथ हो, वोटर लिस्ट में वोट बढ़ाने, वोट काटने व नाम संशोधन के लिए बीएलओ के कार्यों की निगरानी व सत्यापन की जिम्मेदारी कोरोना कंट्रोल रूम की है। यहां से बीएलओ व सुपरवाइजर को कॉल किया जाए। साथ ही आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बीएलओ के कार्य की साप्ताहिक समीक्षा का पुनरीक्षण समय से पूरा किया जाए।
बीएलओ के कार्य द्वारा संतोषजनक पाए जाने पर कंट्रोल रूम से निर्धारित प्रारूप जो प्रमाण पत्र भेजा गया है, उसे जिला कंट्रोल रूम पर पर्यवेक्षक के माध्यम से व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराया जाए। जिसमें पूर्व प्रधान, वर्तमान प्रधान, कोटेदार एवं गांव के लोगों से हस्ताक्षर भी कराए जाएं।
वोटर लिस्ट में यदि कोई कमी मिली या किसी के पक्ष में गलत मंशा के चलते वोट बढ़ाए गए या काटे गए तो सुपरवाइजर के खिलाफ भी एफआईआर होगी। सभी एसडीएम व तहसीलदार अपनी क्षेत्र की वोटर लिस्ट के कार्यों का निरीक्षण करें तथा वोट घटने या बढ़ने का औचक सत्यापन करें। कार्य पूर्ण पारदर्शिता से होना चाहिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही पर क्षमा नहीं दी जाएगी।