एएमयू छात्रसंघ चुनाव में कोई छात्रावास की समस्या उठा रहा है तो कोई कैंपस में सुविधाएं बढ़ाने का वादा कर रहा है। एक प्रत्याशी ऐसा भी है, जिसके चुनावी एजेंडे में तकनीक के सहारे जिंदगी को आसान बनाने का संकल्प है।
दृष्टिबाधित छात्र मो. अहमद खान कैबिनेट पद पर चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने घोषणा की है कि चुनाव जीतने पर विश्वविद्यालय के प्रत्येक दृष्टिबाधित छात्र को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस चश्मा उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। अहमद खान के इस वादे ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों में खास उत्साह पैदा कर दिया है। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में दृष्टिबाधित छात्र प्रचार अभियान में जुटे हैं।
शुक्रवार को इसका अनूठा नजारा कैंपस में देखने को मिला। डक पॉइंट से शुरू हुआ प्रचार अभियान जुलूस की शक्ल में यूनियन हॉल तक पहुंचा। अहमद खान के साथ छात्र-छात्राएं नारे लगाते हुए चल रहे थे। कई दृष्टिबाधित विद्यार्थी एक-दूसरे का कंधा थामे अपने प्रत्याशी के समर्थन में आगे बढ़ रहे थे। इन विद्यार्थियों का जोश और एकजुटता राह चलते छात्रों का ध्यान खींच रही थी। उनके लिए यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि कैंपस में अपनी जरूरतों और अधिकारों को मजबूती से सामने रखने का अवसर भी है। प्रचार के दौरान समर्थक अहमद खान को जिताने की अपील करते नजर आए।
क्या खास है एआई चश्मे में
एआई तकनीक से लैस चश्मे दृष्टिबाधित लोगों के लिए सहायक उपकरण की तरह काम करते हैं। इनमें लगे कैमरे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से सामने मौजूद वस्तुओं की पहचान कर आवाज के माध्यम से जानकारी देते हैं। रास्ते में आने वाली बाधाओं के बारे में चेतावनी देने के साथ ही ये इन्सानों के चेहरे पहचानने और किताबों में लिखे शब्द पढ़कर सुनाने में भी मदद करते हैं। अहमद खान का चुनावी वादा इसी तकनीक को दृष्टिबाधित विद्यार्थियों तक पहुंचाने से जुड़ा है।