सर्दियों में गरीबों-असहायों को कंबल बांटने व रैन बसेरों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था के लिए शासन से जिले को इस बार भरपूर बजट मिला है। प्रति तहसील एक हजार कंबल गरीबों और असहायों को बांटने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए प्रति कंबल 500 रुपये के हिसाब से पांच तहसीलों में वितरित होने वाले 5000 कंबलों के लिए बजट मिल गया है। वहीं, अलाव की व्यवस्था के लिए प्रति तहसील 50 हजार रुपये का बजट अलग से मिला है।
शासन से मिले बजट के आधार पर प्रशासन ने जैम पोर्टल के माध्यम से कंबलों की खरीद कर ली है। इसमें अच्छी बात यह है कि जैम पोर्टल से हुई इस खरीद पर प्रशासन ने प्रति कंबल 201 रुपये की बचत की है। वहीं, पिछले वर्ष सर्दियों में वितरण के लिए खरीदे कंबलों को 440 रुपये प्रति नग की दर से खरीदा गया था।
एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल ने बताया कि शासन से निर्देश हैं कि किसी भी सूरत में सर्दी लगने से जिले में किसी की मौत का कोई प्रकरण सामने नहीं आना चाहिए। नगर निगम और तहसीलों के जितने भी रैन बसेरे हैं, उनको दुरुस्त किया जाए। स्थायी रैन बसेरों में पूरे इंतजाम कर लिए जाएं। बस अड्डों व रेलवे स्टेशनों के पास रैन बसेरों की अस्थायी तौर पर व्यवस्था की जाए। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बताया कि बजट आ गया है। कंबलों की खरीद जैम पोर्टल पर हुई है। तहसीलों में वितरण के लिए एक-एक हजार कंबल भेज दिए गए हैं।