अलीगढ़ में ब्लैक फंगस (म्यूकॉरमायकोसिस) से सात लोग आंख की रोशनी गंवा चुके हैं। जबकि एक की हालत ज्यादा खराब है और वह आईसीयू में भर्ती है। जेएन मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के 13 मरीज भर्ती हैं। सात मरीजों को दिखाई देना बंद हो चुका है।
वहीं एक मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है, जो आईसीयू में भर्ती है। पांच मरीजों का इंडोस्कोपिक सर्जरी हुई है। जेएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग के डॉ. जिया सिद्दकी ने बताया कि जेएन मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है।
व्हाइट एवं यलो फंगस का केस भी यहां रिकॉर्ड नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि पांच मरीजों की इंडोस्कोपिक सर्जरी हो चुकी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि जनपद में ब्लैक फंगस के 14 मरीज सामने आए हैं।
13 मरीजों का जेएन मेडिकल कॉलेज एवं एक का दूसरे शहर में उपचार चल रहा है। कुछ मरीजों की आंख की रोशनी चली गई है। एक मरीज आईसीयू में है और उसकी हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन ब्लैक फंगस के मरीजों के उपचार में इस्तेमाल होता है।
लखनऊ से संपर्क कर जेएन मेडिकल कॉलेज को लगातार इंजेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन बाजार में उपलब्ध नहीं है।