नगर निगम के भाजपा पार्षदों ने महापौर मो. फुरकान एवं नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षद दल के नेताओं ने मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर कोविड-19 काल में खरीदे गए उपकरण एवं सामानों की जांच कराने की मांग की है। नगर निगम के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, मनमानी, पार्षदों की उपेक्षा और जनता के कार्यों में रुचि नहीं लेने का आरोप लगाया है। भाजपा पार्षद यह भी आरोप लगा रहे है कि नगर आयुक्त एवं महापौर नगर निगम को बसपा के ढर्रे पर चला रहे हैं।
मंगलवार को भाजपा विष्णुपुरी मंडल एवं गांधीनगर मंडल द्वारा महापौर एवं नगर आयुक्त का पुतला फूंका गया था। बुधवार को नगर निगम के उपसभापति पुष्पेंद्र सिंह जादौन के नेतृत्व में भाजपा पार्षद दल के नेता मंडलायुक्त से मिले और ज्ञापन सौंपा। पार्षदों ने महापौर एवं नगर आयुक्त पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों को भाव नहीं मिलने से भी नेता नाराज हैं। उनका यह भी दावा है कि संगठन उनके साथ है। पार्षदों ने यह भी चेतावनी दी है कि जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई तो वे लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मुख्य सचेतक दिनेश गुप्ता, उपनेता डॉ. दिनेश शर्मा, सचेतक विजय तोमर, पूरन दिवाकर, हेमंत गुप्ता, रजनी माहौर आदि मौजूद थे।
प्रमुख आरोप...
- कोविड-19 से जुड़े सामान बिना निविदा अत्यधिक महंगे दामों में चहेेते ठेकेदारों से पार्टनरशिप में खरीदे गए हैं।
- जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के मामले में नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा खुले स्तर पर अत्यधिक पैसे लेकर जनता को परेशान व शोषण किया जा रहा है।
- डीजल में मनमानी तरीके से रसीद काटकर ईंधन का प्रतिदिन अत्यधिक उपयोग दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में उतना डीजल खर्च ही नहीं हो रहा है।
- भीषण गर्मी में पानी के लिए जनता परेशान है। पार्षदों के वार्ड क्षेत्र में खराब नलों की मरम्मत तक नहीं हुई है।
- स्मार्ट सिटी के नाम पर वार्ड नंबर 52 सहित शहर में कई जगह गहरे गड्ढे खोद कर छोड़ दिए गए हैं। सेंटर प्वाइंट व कई वीआईपी एरिया शामिल है।
- अंधेरे की वजह से मैरिस रोड व जनकपुरी क्षेत्र में आए दिन चोरी लूट जैसी घटनाएं हो रही है।
- नगर निगम के कार्यों से पार्षदों को अवगत नहीं कराया जा रहा है। स्मार्ट सिटी के नाम पर महापौर व नगर आयुक्त स्मार्ट हो गए है। जनता परेशान है।
- पौधरोपण व अन्य सरकारी योजनाओं से पार्षदों को न तो अवगत कराया जा रहा है और न ही उन्हें सम्मलित कराया जाता है।
- किसी भी योजना व कार्य को नगर निगम की साइट पर अपलोड नहीं किया जाता है। पारदर्शिता की कमी की वजह से सवाल उठते हैं।