अलीगढ़। भारतीय जनता पार्टी ने बंद कमरे में शासन-प्रशासन के पसीने छुड़ाने की रणनीति तैयार कर ली है। 25 नवंबर से 1 दिसंबर तक कलक्ट्रेट पर प्रस्तावित धरने में स्थानीय नेता एवं कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त बाहर से 35 बसों से करीब ढाई हजार लोगों को अलीगढ़ में कलक्ट्रेट के समक्ष उतारने की तैयारी है। भाजपा अपने इस रणनीति में सफल रही तो स्थानीय प्रशासन का सरदर्द बढ़ने की पूरी संभावना है।
वृहस्पतिवार को गूलर रोड स्थित गायत्री पैलेस में भाजपा ब्रज क्षेत्र की बैठक आयोजित की गई। बैठक शुरू होने के पूर्व वहां मौजूद मीडिया कर्मियों से विनम्रता से आग्रह कर बाहर कर दिया गया। उसके बाद देहली गेट क्षेत्र में हुए सांप्रदायिक झगड़े एवं उसमें मारे गए युवक गौरव के मुआवजा को लेकर मंथन किया गया।
सांसद सतीश गौतम एवं स्थानीय नेता दादरी के इखलाक के परिजनों की तरह गौरव के परिजनों को भी 45 लाख मुआवजा दिलाने की पुरजोर मांग कर रहे थे। नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि गौरव मुसलमान नहीं है, इसलिए उसके परिजनों को सिर्फ दस लाख मुआवजा दिया जा रहा है जबकि वह उसी के कंधे पर घर का पालन-पोषण निर्भर था।
इसके साथ ही तय किया गया कि स्थानीय कार्यकर्ता एवं नेता के अतिरिक्त प्रत्येक दिन एक विधान सभा क्षेत्र से 15 एवं जिले से 20 बसों से लोग आएंगे और धरना में शामिल होंगे। पहले दिन अतरौली विधान सभा एवं कासगंज के भाजपा नेता कार्यकर्ता धरना में शामिल होंगे, जिसका शुभारंभ प्रदेश सह प्रभारी रमेश करेंगे। धरना के समापन के दिन यानी 1 दिसंबर को प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी शामिल होंगे।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, सह प्रदेश प्रभारी रमेश, ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल, सांसद सतीश गौतम, एटा के सांसद राजवीर सिंह राजू भैया, फतेहपुर सिकरी के सांसद बाबूलाल चौधरी, फिरोजाबाद के विधायक मनीष असीजा, आगरा के विधायक योगेंद्र उपाध्याय, अशोक कटारिया, राम प्रताप सिंह, डॉ. मधु मिश्रा, भानु प्रताप सिंह, रघुराज सिंह, अनिल परासर, सुनील पांडे, पूनम बजाज, मीना कुमारी, उमेश कुमारी, जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह, महानगर अध्यक्ष दीपक मित्तल, कुशल पाल सिंह, श्यैराज सिंह, मानव महाजन, मानवेंद्र प्रताप सिंह, महानगर उपाध्यक्ष उमेश सड़कोड़ा, सुबोध स्वीटी, अनिल सेंगर, विवेक सारस्वत आदि मौजूद रहे।