नए संगठन की सूची जारी होते ही भाजपा की गुटबाजी सामने आ गई। बृहस्पतिवार रात को सूची जारी हुई और शुक्रवार सुबह मंडल अध्यक्षों के नाम तक बदल डाले। इसके बाद अंदरूनी खींचतान बाहर आने लगी और सोशल मीडिया पर लोगों ने चुटकी लेना भी शुरू कर दिया।
शुरूआत जिला कमेटी की गुटबाजी से हुई जिसके चलते अतरौली क्षेत्र के दो मंडल अध्यक्ष बदलने पड़े। जिले के दो बड़े नेताओं का खेमा लखनऊ तक फोन लगाने लगा जिसके बाद पहले जारी सूची में बिजौली से राहुल चौधरी और पनहेरा से राजू यादव के नाम थे जिन्हें बदलकर सोनू चौधरी व यशपाल यादव कर दिए गए। गभाना और इगलास मंडल अध्यक्षों पर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है। यहां दो अलग-अलग खेमों के बीच वर्चस्व की लड़ाई जारी है। इसे लेकर जिला कमेटी में एकतरफा वर्चस्व की चर्चा है। अन्य खेमों के नेताओं को प्रतिनिधित्व न मिलने से अंदरखाने असंतोष बना हुआ है, हालांकि सार्वजनिक तौर पर कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा।
अब तक घोषित मंडल अध्यक्ष सूची के अनुसार बिजौली व पनहेरा के साथ-साथ अमरौली पर परमेश उपाध्याय,जवां में मुकुल वशिष्ठ, हरदुआगंज में सतीश लोधी, गोधा में ओमवीर सिंह लोधी, छर्रा में वीरेंद्र लोधी, विजयगढ़ में कल्पेश बिरला, लोधा में हरकेश शर्मा व गोंडा में परमवीर आर्य शामिल हैं। इस विषय में जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह लाला का कहना है कि प्रदेश स्तर से ये बदलाव हुआ है। हमने तो नाम भेजे थे। बाकी किस वजह से हुआ, इस पर वह कुछ नहीं कह सकते। जिला कमेटी पर किसी तरह का विवाद नहीं है। शुक्रवार को जिला कार्यालय पर नई कमेटी को शपथ दिलाने के साथ स्वागत भी हुआ है।
महानगर में नए चेहरे, पुराने नदारद
महानगर कमेटी में भी असंतोष के स्वर हैं। पुराने पदाधिकारियों को बाहर रखने और कुछ खास इलाकों व परिवारों को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलने पर सवाल उठ रहे हैं। दो परिवारों से दो-दो सदस्यों को शामिल किए जाने की चर्चा भी तेज है। दूसरा यह कि महानगर कमेटी में कोल विधानसभा के पदाधिकारी सबसे ज्यादा हैं, जबकि शहर से संख्या कम है। इतना ही नहीं जिला कमेटी पर प्रभाव रखने वाले माननीय और उनके दावेदारों को महानगर कमेटी से लगभग दूर रखा गया। पिछले दिनों हेवीटेट सेंटर में हुए घटनाक्रम से जुड़ा कोई नाम महानगर कमेटी में नहीं आया है। महानगर अध्यक्ष इंजी.राजीव शर्मा को कहना पड़ा कि सभी का ध्यान रखा गया है। किसी तरह का कोई विरोध गतिरोध नहीं है। नई कमेटी का स्वागत व शपथ कार्यक्रम भी हुआ है।
सोशल मीडिया पर तंज और तकरार
कमेटी गठन के बाद सोशल मीडिया पर भी माहौल गरम है। अरे, सदस्य ही बना देते.. जैसे तंज से लेकर एक ही घर में दो पद.. तक की पोस्ट वायरल हो रही हैं। कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा भी है कि मेहनत करने वाले पीछे रह गए, जबकि चर्चित नाम सूची में आगे आ गए। एक ने यहां तक लिखा, विधायक जी और अध्यक्ष जी दोनों अपने अपने भांजे को बना लाए मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता के हाथ...। एक ने लिखा कि महानगर में कोल विधानसभा का परचम लहराया, भाजपा में सात उपाध्यक्ष और सात मंत्रियों को बहुत बहुत बधाई, जो दिखे नहीं कभी, वो लिस्ट में आगे और मेहनत करने वाले सिर्फ सदस्य ही रह गए।