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संघियों की आई बहार ‘राज पैलेस’ दरकिनार

Tue, 12 Jan 2016 01:33 AM IST
नगेश शर्मा
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अलीगढ़। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष पद पर चौ. नत्थी सिंह और महानगर अध्यक्ष पद पर विवेक सारस्वत जैसे कैडर कार्यकर्ताओं की तैनाती के बाद ‘राज पैलेस’ को झटका लगा है। पार्टी ने इन दोनों की तैनाती के बाद जहां जातिगत समेत कई समीकरणों को साधा है वहीं ‘राज पैलेस’ की भूमिका को भी पूरी तरह दरकिनार कर दिया है।
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करीब 20 साल आरएसएस के स्वयंसेवक रह चुके और अब करीब 20 साल से ही भाजपा में सक्रिय नत्थी सिंह सांसद सतीश गौतम के प्रतिनिधि होने के कारण उनकी पसंद भी बताए जा रहे हैं वहीं विवेक सारस्वत संघ के पुराने स्वयंसेवक, विद्यार्थी परिषद के पुराने कार्यकर्ता होने और अब भाजपा में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण संगठन की पसंद रहे हैं। दोनों महत्वपूर्ण पदों पर कैडर कार्यकर्ताओं की तैनाती के बाद पार्टी में अजब माहौल है। 
‘राज पैलेस’ को दरकिनार करने का अहसास सबको है लेकिन इन तैनातियों को सब ‘राज पैलेस’ का ही आशीर्वाद बता रहे हैं। हालांकि सामान्य चर्चा है कि दोनों तैनातियों के लिए वैष्णो टावर निवासी सांसद सतीश गौतम की सक्रिय भूमिका रही है। 
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भाजपा जिलाध्यक्ष पद पर चौ. देवराज सिंह और महानगर अध्यक्ष पद पर दीपक मित्तल की तैनाती के बाद सामान्य चर्चा थी कि ‘राज पैलेस’ का आशीर्वाद दोनों पर है। ऐसे में सामान्य भाजपाइयों के लिए ‘राज पैलेस’ में हाजिरी लगाना मजबूरी हो गई थी। हालांकि दोनों पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को मजबूरी का अहसास नहीं होने दिया। 
जब नए जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के चुनाव की बारी आई तो पार्टी के कैडर कार्यकर्ता पूरी तरह सक्रिय हो गए और इन दोनों पदों पर कैडर कार्यकर्ता की ही नियुक्ति होने की रणनीति तैयार की गई। इसी के तहत जिलाध्यक्ष पद के लिए सुनील पांडे का नाम जोर-शोर से उठाया गया और महानगर अध्यक्ष पद पर विवेक सारस्वत की तैनाती के प्रयास किए जाने लगे। इस दौरान यह उम्मीद भी की जा रही थी कि कहीं ‘राज पैलेस’ के दबाव में फैसला न हो।
दोनों पदों पर ब्राह्मणों की नियुक्ति संभव न होने के कारण जिलाध्यक्ष पद पर जाट की तैनाती करने पर ही विचार हुआ। इसमें चौ. नत्थी सिंह, शशि सिंह और चौ देवराज सिंह के ही नाम चले। देवराज और शशि सिंह के नाम पर आमराय नहीं बन सकी। नत्थी सिंह सांसद सतीश गौतम के प्रतिनिधि और उनकी पसंद के साथ निर्विवाद चेहरा थे। अंत में सभी समीकरणों को संभालते हुए नत्थी सिंह और विवेक सारस्वत के नामों पर ही फैसला हुआ।   
शहर विस सीट पर वैश्य के लिए रास्ता साफअलीगढ़। महानगर अध्यक्ष पद पर विवेक सारस्वत की तैनाती के बाद विधान सभा चुनाव में शहर सीट से वैश्य प्रत्याशी का रास्ता साफ हो गया है। वैश्य समाज से इस सीट पर दावेदारी करने वाले सक्रिय हो गए हैं। इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता कि विधानसभा के टिकट वितरण में ‘राज पैलेस’ की सक्रिय भूमिका रहे। जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष की घोषणा के बाद दीपक मित्तल, मानव महाजन, राजीव अग्रवाल, संजीव राजा, पूनम बजाज, प्रदीप पेंटर समेत कई लोगों की सक्रियता बढ़ गई है। 
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