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अलीगढ़ खाद्य सुरक्षा विभाग का कारनामा: दूसरी दुकान से खरीदे बिस्कुट का नमूना फेल, कार्रवाई लस्सी वाले पर

Fri, 31 Oct 2025 01:40 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

दुकानदार अकील अब बिस्कुट के पैकेट के लिए एडीएम कोर्ट में मुकदमे का सामना कर रहा है। बुधवार को वह कोर्ट में आया जिसे मामले की सुनवाई के लिए अब 18 नवंबर की तारीख दी गई है।
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पीड़ित अकील और अमीरुद्दीन - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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दो साल पहले अलीगढ़ शहर के छिपैटी के बाजार से 10 बिस्कुट के पैकेट खरीदकर दुकान पर रख लेना एक जयगंज के एक दुकानदार के लिए बहुत तकलीफदेह साबित हो रहा है। 

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दो साल पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बेकरी दुकान  से सात नमूने लेकर जांच के लिए भेजा था। बेकरी के छह नमूने पास हो गए जबकि वह बिस्कुट जो उसकी दुकान का नहीं था, उसका नमूना फेल हो गया। दुकानदार अकील अब बिस्कुट के पैकेट के लिए एडीएम कोर्ट में मुकदमे का सामना कर रहा है। बुधवार को वह कोर्ट में आया जिसे मामले की सुनवाई के लिए अब 18 नवंबर की तारीख दी गई है।

अकील ने यह सोचकर हस्तक्षेप नहीं किया कि यह उसके यहां का है ही नहीं। अकील का कहना है कि सात महीने बाद आई रिपोर्ट में लस्सी के छह नमूने पास हुए लेकिन बिस्कुट का नमूना फेल हो गया। इसी को लेकर अब अकील एडीएम कोर्ट में इस मामले में अपनी सफाई देने में जुटा है।
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आठ महीने से नमूना रिपोर्ट का इंतज़ार, कारखाने वाला बेरोज़गार 
अलीगढ़ के शाहकमाल रोड पर आम पापड़ बनाने वाले एक छोटे कारखाना चलाने वाले अमीरुद्दीन के यहां से खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम पापड़ का एक नमूना लिया गया था। अमीरुद्दीन का आरोप है कि यह कार्रवाई मकान मालिक और किराएदार के निजी विवाद के चलते मकान मालिक की शिकायत पर हुई थी। नमूना लिए जाने के आठ महीने बाद भी इसकी रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। नतीजा कारखाना बंद है और वह बेरोजगार होकर रह गए हैं। अमरीरुद्दीन कहते हैं हमें यह भी नहीं बताया कि हमारे उत्पाद में कोई कमी थी या नहीं। बस एक शिकायत पर हमारा काम रुक गया और अब हम बेरोजगार हैं। अगर नमूना फेल हुआ होता तो कम से कम आगे क्या करना है, यह तो पता चलता।

अकील के मामले में अगर वह छिपैटी से बिस्कुट खरीदने का कच्चा बिल या अन्य कोई साक्ष्य भी प्रस्तुत कर दें तो उस दुकानदार को भी मामले में शामिल कर इनको राहत मिल जाएगी। इसके अलावा आम पापड़ वाले मामले में अगर उन्हें नमूने की रिपोर्ट नहीं मिल रही है तो उन्हें रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। दोनों ही मामलों में पक्षकार कमिश्नर कार्यालय परिसर कार्यालय उपायुक्त खाद्य सुरक्षा कार्यालय में आकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।- अजय जायसवाल, मंडलीय उपायुक्त, खाद्य सुरक्षा

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