घटना के कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने अशोक पांडेय को तो हिरासत में ले लिया था। मगर जब पुलिस पूजा शकुन की तलाश में बी दास कंपाउंड स्थित घर पहुंची तो वह वहां से गायब मिलीं। दो गाड़ियां जरूर घर में खड़ी थीं। पुलिस ने अशोक पांडेय का मोबाइल लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं पूजा शकुन को भी बंद मोबाइल के जरिये खोजने का प्रयास जारी है। साथ में इन दोनों की पिछले कुछ समय में किस किस से बात हुईं हैं। मोबाइल में किसी तरह का ऐसा तथ्य तो नहीं, उस पर भी पुलिस काम कर रही है। साथ में अभिषेक के परिवार के आरोपों को ध्यान में रखते हुए इनके बीच की रंजिश के प्रमुख कारणों को भी पुलिस जानने में जुटी है।
अभिषेक से फोन पर 28 अगस्त तक हुई आखिरी बार बात
अब तक की जांच व सर्विलांस साक्ष्य से उजागर हुआ है कि अभिषेक गुप्ता व पूजा शकुन के बीच फोन पर बातचीत होती रही हैं। आखिरी बार 28 अगस्त को इन दोनों में बात हुई है। उसके बाद बातचीत का कोई रिकाॅर्ड नहीं है।
अभिषेक ने काट दी वीडियो कॉल
रिकाॅर्ड के अनुसार अभिषेक से बातचीत बंद होने के बाद पूजा की ओर से वीडियो कॉल करीब आठ से दस दिन पहले अभिषेक को की गई है, मगर वह कॉल अभिषेक की ओर से काट दी गई है। इसकी वजह तो स्पष्ट नहीं है, मगर विवाद के बीच आखिरी बातचीत व कॉल काटने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस हिरासत में हत्या में साजिश के आरोपी अशोक पांडेय का कहना है कि अभिषेक का परिवार हम पर किन कारणों से आरोप लगा रहा है, यह खुद नहीं समझ पा रहा, मगर इतना जरूर है कि हमारा इस परिवार से पुराना नाता है। यह परिवार अपने कारोबार के लिए हमसे ब्याज पर रुपये लेता रहा है। 25-25 लाख रुपये तक हमने दिए हैं। दो सितंबर को आखिरी बार इसकी मां खुद रुपये देने आई थी। तब पूरा हिसाब हो गया था। हमने आज तक कोई रुपया नहीं लिया। इसके खिलाफ पवन के जरिये शिकायत लेकर एसएसपी के यहां सामान्य रूप से गया था। इसके शोरूम शुभारंभ में 21 अगस्त को हम स्व.कल्याण सिंह की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होने के कारण नहीं पहुंच पाए थे। इत्तेफाक से इसके पड़ोसी शोरूम के शुभारंभ में पहुंच गए। तभी से यह विवाद मानने लगे। हमारा हत्या से कोई नाता नहीं है। पुलिस अपना काम कर रही है।
अभिषेक के पिता बोले- साजिश में पांडेय दंपती के साथ और भी लोग शामिल
अभिषेक गुप्ता के पिता नीरज गुप्ता ने कहा है कि उनके बेटे की हत्या की साजिश में पांडेय दंपती के साथ कुछ अन्य कद्दावर लोग भी शामिल हैं। पुलिस से अनुरोध है कि इस घटना में शामिल सभी लोगों के विषय में जानकारी जुटाकर कार्रवाई की जाए। बिलखते हुए नीरज ने यह बात अंतिम संस्कार के बाद मीडिया से कही।
उन्होंने बताया कि पूजा शकुन उनके गांव की बेटी है। हमारा इनके परिवार का अच्छा नाता रहा है। बेटे ने हमसे कहकर अपने दो शोरूम खोल लिए। पांडेय दंपती के कहने पर उन्हें पार्टनर नहीं बनाया तो इन्होंने मुकदमे में फंसाना शुरू किया। गोमत के पवन नाम के ग्राहक के जरिये धोखाधड़ी करने का आरोप लगाकर एसएसपी के यहां शिकायत दिलाई।
नीरज के अनुसार उन्हें पिछले कुछ समय से इनकी गतिविधियां ठीक नहीं लग रही थीं। हमने शोरूम का शुभारंभ अन्य लोगों से करा लिया था। उसके बाद हमारे पास दूसरे शोरूम को खुलवाकर खुद इन्होंने उसका शुभारंभ किया। इसी वजह से पिछले दस दिन से नीरज खुद अपने बेटे के पास रुके हुए थे। कपड़े गंदे होने पर वह बेटे व भतीजे को लेकर शुक्रवार को गांव जा रहे थे। तभी यह हत्या की गई। नीरज का आरोप है कि पूजा ने उनके बेटे को इस कदर चंगुल में फंसा रखा था कि उसकी शादी नहीं होने दी।