पिछले कुछ वर्षों में ही छह नई नगर पंचायतों बरौली, गभाना, जवां सिकंदरपुर, मडराक, चंडौस और टप्पल का गठन हुआ था। फिलहाल, इन नवगठित नगर पंचायतों में वार्ड निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा नगरीय निकायों का दायरा बढ़ाने का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मियां तेज होने वाली हैं। सरकार के इस कदम से कई ग्रामीण क्षेत्रों को अब नगरीय निकायों में शामिल किया जा सकता है। इससे न केवल संबंधित क्षेत्रों का विकास स्वरूप बदल सकता है, बल्कि आने वाले पंचायत चुनावों पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है। जिन गांवों या क्षेत्रों को नगरीय सीमा में शामिल किया जाएगा, वे पंचायत चुनावों का हिस्सा नहीं रहेंगे और वहां नगरीय निकाय के चुनाव नियम लागू होंगे।
पांच नगर पंचायतों का होगा सीमा विस्तार
शासन स्तर से जो कसरत शुरू हुई है उसके मुताबिक नगर पंचायत चंडौस, अतरौली, बेसवां, विजयगढ़ और हरदुआगंज का सीमा विस्तार होगा। हालांकि हरदुआगंज नगर पंचायत के सीमा विस्तार का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है। इसमें नगर पंचायत के पश्चिमी क्षेत्र में मोरथल गांव तक, बाबा कॉलोनी, ग्रेटर अलीगढ़, बैरमगढ़ी और रसिक टावर जैसे क्षेत्रों को शामिल करना प्रस्तावित है।