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हर गोशाला में बनेगा भूसा बैंक

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जिले के पशु आश्रय स्थलों पर भूसे की कमी न होने देने के लिए हर गोशाला में भूसा बैंक बनाए जाने की योजना पर अमल शुरू हो गया है। इसके तहत हर आश्रय स्थल पर करीब 3 माह का भूसा सुरक्षित रखवाया जाएगा। सस्ता भूसा उपलब्ध कराने के लिए डीएम के आदेश पर कृषि विभाग ने 500 बड़े किसानों की सूची पशुपालन विभाग को सौंप दी है।
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वर्तमान में जिले में गेहूं की कटाई चल रही है। 10 से 25 अप्रैल तक चलने वाली कटाई के दौरान बड़े पैमाने पर भूसा निकलता है। इसके चलते इन दिनों भूसे के दाम मात्र 2 से 3 रुपये किलो हैं। जो कुछ समय पहले तक 8 से 9 रुपये किलो थे। गोशालाओं में पर्याप्त भूसा का स्टॉक बनाए रखने के लिए डीएम ने हर गोशाला में भूसा बैंक बनाने के निर्देश दिए है। सभी में कम से कम 3 माह का भूसे का स्टॉक रखने को कहा गया है।
जिले में 161 गो आश्रय स्थल हैं। इनमें करीब 10 हजार गोवंश रह रहा है। सरकार इन गो आश्रय स्थलों में रह रही गायों के लिए वार्षिक बजट भेजती है। इस सीजन में भी पशुपालन विभाग ने 11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन के पास भेजा है। इसमें से पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये पशुपालन विभाग के पास आ चुका है।
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सीवीओ डॉक्टर मेघ श्याम सिंह ने बताया कि इसमें से 12 लाख निकालकर उससे फरवरी और मार्च के बकाया पेमेंट कर दिए गए हैं। शेष पैसे से भूसे की खरीद की जाएगी।
कृषि विभाग ने 500 किसानों की लिस्ट पशुपालन विभाग को सौंपी
गो आश्रय स्थलों के लिए सस्ता भूसा उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने 500 बड़े गेहूं उत्पादक किसानों की सूची पशुपालन विभाग को सौंप दी है। इनमें से कई किसान कोरोना आपदा को देखते हुए गायों के भरण-पोषण के लिए मुफ्त भूसा देने के लिए भी राजी हो गए हैं। पशुपालन विभाग इन किसानों से संपर्क कर इनके पास की गोशाला में सस्ता भूसा खरीद कर उसका स्टॉक करा देगा।
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