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अद्भुत है भारत: आंखों पर पट्टी बांध पैर के अंगूठे से पढ़ता है अखबार, बिना देखे बता देता है रंग और बहुत कुछ

Tue, 23 Jul 2024 03:43 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

भारत का दावा है कि यदि कोई नोट उनके हाथ में आता है तो वह उस नोट के नंबर बता देते हैं। नोट कितने का है, उसका रंग कौन सा है।  बहुमुखी प्रतिभा के धनी भारत किसी भी व्यक्ति के हाव-भाव और हुलिया को भी पहचान लेते हैं। मसलन,  व्यक्ति किस प्रकार से खड़ा है, उसका हाथ कहां है, कपड़े किस रंग के हैं, पांव में जूते हैं या चप्पल हैं। 
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आंखों पर पट्टी बांध नोट के बारे में बताता भारत जादौन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उम्र महज 12 साल। सातवीं कक्षा का छात्र। आंखों पर बंधी पट्टी। फटाफट अखबार और किताबें पढ़ना। आसपास की चीजों को महसूस कर उनके बारे में बता देना। अपनी इस विलक्षण प्रतिभा से भारत जादौन लोगों को अपना मुरीद बना रहे हैं। भारत का कहना है कि आंखों पर पट्टी बंधने के बाद उनका दिमाग कंप्यूटर की तरह गणनाएं करने लगता है। पैरों के स्पर्श से भी वह अक्षरों को पहचान लेते हैं। 

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लोधा क्षेत्र के गांव ल्हौसरा बिसावन निवासी भारत जादौन के पिता नरेंद्र पाल सिंह किसान हैं और मां मधु एक निजी विद्यालय में शिक्षिका हैं। नरेंद्र पाल बताते हैं कि उनका इकलौता बेटा जब चौथी कक्षा में था, तब से आंखों पर पट्टी बांधकर अखबार पढ़ने लगा था। स्कूल में शिक्षकों ने भी कई बार किताबें पढ़वाकर देखीं। आंखों पर पट्टी बंधी होने के बाद भारत अपने हाथों से छूकर उस चीज का रंग बता देते हैं। 

भारत का दावा है कि यदि कोई नोट उनके हाथ में आता है तो वह उस नोट के नंबर बता देते हैं। नोट कितने का है, उसका रंग कौन सा है।  बहुमुखी प्रतिभा के धनी भारत किसी भी व्यक्ति के हाव-भाव और हुलिया को भी पहचान लेते हैं। मसलन,  व्यक्ति किस प्रकार से खड़ा है, उसका हाथ कहां है, कपड़े किस रंग के हैं, पांव में जूते हैं या चप्पल हैं। 

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सूंघने और महसूस करने से पहचाने की करते हैं कोशिश

भारत जादौन बताते हैं कि आंख पर पट्टी बंधे होने पर वह किसी भी वस्तु या अक्षर को सुनकर और उसे महसूस करके पहचानते हैं। किताबों पर लिखे जब अक्षरों पर उंगली पड़ती है तो वह महसूस करते हैं और उसके बाद वह अक्षर जैसे लगता है कि उन्हें पूरी तरह दिखाई दे रहा है, फिर वह जैसे आम व्यक्ति आंख खोल कर किसी भी चीज को पढ़ता है भारत आंख पर पट्टी बंधी होने के बाद भी चीज को आसानी से पढ़ लेते हैं।

दिमाग पर स्क्रीन की तरह दौड़ते हैं अक्षर
भारत का दावा है कि जिस प्रकार से कंप्यूटर की स्क्रीन पर अक्षर दौड़ते हैं उसी प्रकार से उनके दिमाग पर भी अक्षर दौड़ने लगते हैं, जिससे उन्हें कोई भी चीज पढ़ने में दिक्कत नहीं होती है। यदि कोई भी नोट उनके हाथ में आता है तो वह तुरंत नोट के नंबर तक को बता देते हैं। नोट कितने का है, उसका का रंग कौनसा है और नोट के बारे में पट्टी बांधकर सब बता देते हैं।

हुलिया भी पहचान लेते हैं 
बहुमुखी प्रतिभा के धनी भारत आंख पर पट्टी बंधी होने के बाद भी किसी भी व्यक्ति के हाव-भाव और उनके हुलिया को पहचान लेते हैं। उनके सामने बस एक बार एक व्यक्ति खड़ा हो जाए वह अपना हाथ घुमाएंगे और उस व्यक्ति का हाव-भाव पूरी तरह से बता देंगे,  व्यक्ति किस प्रकार से खड़ा है, उसका हाथ कहां है, उसकी स्टाइल कैसी है, कपड़े किस रंग के पहने हुए हैं, पांव में जूते हैं या चप्पल हैं, यह सारी चीज भारत आंख पर पट्टी बंधी होने के बाद भी बता देते हैं। 
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महाभारत के संजय की तरह दिव्य दृष्टि

भारत जादौन को महाभारत के संजय की तरह दिव्य दृष्टि मिली हुई है। हालांकि वह संजय की तरह दूर युद्ध क्षेत्र में क्या हो रहा है उसके बारे में तो नहीं जान सकते हैं? मगर बंद आंखों से वह आसपास की सभी परिस्थितियों को जान लेते हैं, जो महाभारत में संजय महसूस कर के जानते थे।  भारत का कहना है कि हमारे ऋषि मुनियों के पास ऐसी शक्ति होती थी जो बंद आंखों से भी तमाम चीजों को जान लेते थे। भविष्य के बारे में बता दिया करते थे। मुझे उन्हीं का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है और इसलिए मैं आंखों पर पट्टी बंधी होने के बाद भी तमाम चीज जान लेता हूं। 

भारत को मिल चुके हैं कई सम्मान
18 फरवरी 2024 को अलीगढ़ महोत्सव में अचल सरोवर रक्षक दल के कार्यक्रम में अपनी इस प्रतिभा का प्रदर्शन करने पर भारत को सम्मानित किया गया था। 17 मार्च 2024 को अकराबाद में क्षत्रिय महासभा के कार्यक्रम में सम्मानित किया जा चुका है। इसी तरह 10 मार्च 2024 को टूंडला के पास रामगढ़ में मां काली मंदिर में आयोजित कार्यक्रम और 30 जून 2024 को सहारनपुर के राजमहल पैलेस में अपनी कला का प्रदर्शन करने पर उन्हें सम्मान मिल चुका है। 

कोई बच्चा न करे इस तरह का अभ्यास 
भारत जादौन ने अपील की है कि कोई बच्चा इस तरह का अभ्यास या प्रयोग न करे, क्योंकि आंखों पर पट्टी बंधने के बाद कुछ भी दिखाई नहीं देता है। ऐसे में हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी विलक्षण प्रतिभा मिली है, उसी की बदौलत वह यह सब अनुभव कर पाते हैं।
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