22 जुलाई को पूर्व विधायक की ओर से तहरीर क्वार्सी थाने भेजी गई। जिसमें कथित डॉ. शेरवानी व उसके बेटे पर मुकदमा आदि कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। इसमें बेटे के जीवन से खिलवाड़ करने की बात भी उल्लेखित है। तहरीर के आधार पर एसीएम द्वितीय संजय मिश्रा, एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री, स्वास्थ्य लिपिक रणधीर चौधरी, इंस्पेक्टर विजयकांत शर्मा आदि साद कांप्लेक्स पहुंचे। इसके बाद पूरी बिल्डिंग सील कर दी गई। हालांकि इस बिल्डिंग में अन्य कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं है। यह बिल्डिंग हाल ही में विकार हत्याकांड में सजा पाने वाले सपा नेता शान मियां की है। वह डॉ. शेरवानी का करीबी रिश्तेदार है। देर रात मामले में मुकदमे की तैयारी हो रही थी।
इकलौते बेटे की हालत अभी नाजुक
पूर्व विधायक के अनुसार, अभी उनके बेटे की हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों द्वारा हाथ खड़े कर दिए गए हैं। चूंकि, इकलौते बेटे के साथ यह सब हुआ है, इसलिए परिवार वाले बेचैन हैं। वह यही कहते हैं कि अभी बेटे का उपचार करा रहे हैं। मगर डॉक्टर मदद करने के नाम पर हाथ खड़े कर रहे हैं। बताते हैं कि दिमाग को छोड़कर कोई हिस्सा काम नहीं कर रहा है।
पूर्व विधायक पुत्र के साथ हुए घटनाक्रम के मामले में लिखित शिकायत मिल गई है। उसी आधार पर बिल्डिंग को सील किया गया है, जिसमें यह सेंटर संचालित था। बाकी पिता पुत्र के दस्तावेज आदि देखे जा रहे हैं। उसी आधार पर मुकदमे की भी तैयारी है। - डॉ. दिनेश खत्री, एसीएमओ।
बिना पंजीकरण संचालित अस्पताल-लैबों को तीन दिन का समय
अलीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दो दिन में जलाली के प्रियंका अस्पताल सहित सीपीएस अस्पताल, शुभ सूर्या अस्पताल, इंडियन अस्पताल, सांवरिया अस्पताल, दर्पण अस्पताल, श्रीराम अस्पताल, राधा कृष्ण अस्पताल, सत्या पैथालॉजी की जांच की थी। इन सभी को नोटिस दिए गए हैं। एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री ने बताया कि सोमवार को सभी ने अपने पुराने पंजीकरण पत्र दिखाए। मगर मौके पर मानक पूर्ण नहीं थे। इसलिए इन्हें तीन दिन का समय दिया गया है। अगर मानक पूर्ण होंगे तो इनके पंजीकरण पर विचार किया जाएगा अन्यथा अस्पताल बंद कराकर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।