देश भर के सभी सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस/बीडीएस कोर्सेज में प्रवेश नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (एनईईटी) द्वारा कराए के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एएमयू में खलबली मच गई है। इस संबंध में एएमयू प्रशासन अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। कंट्रोलर प्रो. जावेद अख्तर का कहना है कि हमलोग सुप्रीम कोर्ट के आर्डर का अध्ययन कर रहे है। इसको लेकर एएमयू एकेडमिक काउंसिल की बैठक बुलाई जाएगी और आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। एएमयू एमबीबीएस/बीडीएस संयुक्त प्रवेश परीक्षा के प्रथम चरण में चयनित अभ्यर्थियों एवं इससे संबंधित अन्य प्रश्नों पर अभी कुछ बोलने में एएमयू प्रशासन भी असमर्थ है।
उल्लेखनीय है कि एएमयू प्रशासन द्वारा एनईईटी से इस वर्ष छूट देने की अपील सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई थी। एएमयू प्रशासन का कहना था कि एएमयू एमबीबीएस-बीडीएस संयुक्त प्रवेश परीक्षा का प्रथम चरण आयोजित कराया जा चुका है और दूसरे चरण की परीक्षा 1 जून को प्रस्तावित है। प्रथम चरण की परीक्षा में करीब 55 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिसमें से दूसरे चरण के लिए करीब 16 हजार अभ्यर्थियों का चयन किया गया था।