अलीगढ़ की ऐतिहासिक नुमाइश शुरू होने से पहले ही नगर निगम ने नुमाइश प्रशासन से सफाई व्यवस्था संभालने के बदले नुमाइश प्रशासन को 49 लाख रुपये का अनुमानित खर्च थमा दिया है। निगम ने कहा है कि इस राशि का भुगतान न होने पर मेला स्थल पर सफाई कार्य बाधित हो सकता है।
नगर निगम का कहना है कि पिछले आयोजनों के दौरान निगम ने सफाई व्यवस्था पर जितना खर्च किया, उसके सापेक्ष नुमाइश प्रशासन से पूरी राशि प्राप्त नहीं हुई। मजबूरन नगर निगम को अपने मद (फंड) से सफाई कर्मचारियों के वेतन और अन्य संसाधनों पर खर्च करना पड़ा। इसी घाटे की भरपाई और इस बार के खर्चों को देखते हुए 49 लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार कर नुमाइश प्रशासन को भेजी गई है।
50 हजार की भीड़ और सफाई की चुनौती
अलीगढ़ की नुमाइश 16 जनवरी से शुरू होने जा रही है। 13 दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन में व्यवस्थाएं किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होतीं। एक समय में मेला स्थल पर लगभग 50 हजार लोग तक मौजूद रहते हैं। सुबह 10 से रात एक बजे तक छह अलग-अलग मंचों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते हैं। मेले में 5,000 से अधिक दुकानें और 200 से ज्यादा संस्थागत स्टाल लगते हैं। इतनी बड़ी संख्या में जुटने वाली भीड़ और दुकानों से निकलने वाले कचरे का निस्तारण करना नगर निगम के लिए बड़ा काम है, जिसके लिए निगम ने अतिरिक्त बजट की मांग की है।
किस काम का कितना अनुमानित खर्च
पूरे नुमाइश क्षेत्र में सफाई का खर्च- 30.50 लाख
सुरक्षा उपकरण - 75 हजार
झाड़ू, तसला, डंडा, फावड़ा - 50 हजार
चूना और कीटनाशक- 1.50 लाख
जेसीबी, ट्रिपर, पानी टैंकर के डीजल आदि- 8.50 लाख
(सभी पर 18 फीसदी जीएसटी)
- जो अनुमान तैयार किया है उससे कम में नुमाइश परिसर में उच्च गुणवत्ता का सफाई का काम कराना संभव नहीं होगा। वित्तीय भार को देखते हुए नगर निगम को 49 लाख रुपये का भुगतान करवाने के लिए कहा गया है। - प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त