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पहले सांसद और बाद में सुषमा स्वराज के आवास पर देंगे धरना

Fri, 01 Apr 2016 01:14 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला,अलीगढ़/आशीष निगम
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हाफिज वकार। - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूराे
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22 साल गुजर गये हैं..। दिल का दर्द अब जान पर बन आया है। कहां जाएं..? क्या करें..? घर में मां बिस्तर पर लग गई है। दो बेटियों हिना और निदा की तबियत खराब है। बड़े बेटे और बाप का खाने पीने का दिल नहीं करता।
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क्योंकि इस घर का एक बेटा सलमान पाकिस्तान में अपनी ननिहाल में है, जो लाख प्रयासों के बाद हिंदुस्तान नहीं लौट पा रहा है। जी हां, औलाद को घर लाने की ये दर्द भरी दास्तान जय गंज के पठानान मोहल्ले के हाफिज वकार के परिवार की है। वकार की शादी पाकिस्तान की करांची निवासी सलमा से हुई थी।

दो दशक पहले वकार के साथ मायके गई सलमा को बुखार में तपते बेटे सलमान को मजबूरी में करांची में ही छोड़ना पड़ा। बस, उसके बाद दुख ही दुख मिले। गोद में छोड़ा गया बेटा             जवान तो हो गया लेकिन मां बाप का साये से दूर। उसका कभी भारत आना ही नहीं हो पाया। कारण, पाकिस्तानी सरकार उसे अपना नागरिक नहीं मानती तो उसका पासपोर्ट नहीं बना और हिंदुस्तान में बचपन के बाद वह लौटा ही नहीं तो यहां पर पासपोर्ट कैसे बने..? दो मुल्कों की अफसरशाही की ये तनातनी एक परिवार को सड़क पर ले आयी है। सलमान को वापस लाने में हाफिज ने घर का सामान तक बेच डाला लेकिन औलाद को अपने आंगन तक नहीं ला पाये।
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अब हाफिज वकार हाथों में एक्यूप्रेशर का वुड रोल लेकर चलते हैं, फालिज की शिकायत होने लगी है। कहते हैं कि पीएम मनमोहन से लेकर पीएम मोदी, सांसद और विधायक, डीएम और एसएसपी सब जगह जा जा कर थक गये लेकिन कोई मदद नहीं हुई। एक आखिरी प्रयास और कर रहा हूं। अगर बात नहीं बनी तो बेटे से कह दूंगा वहीं पाकिस्तान में किसी से निकाह कर ले तो शायद पासपोर्ट बन पाय।

सांसद सतीश गौतम ने कई बार वादा किया लेकिन केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से नहीं मिलवाया। अब सांसद के आवास के बाहर ही परिवार सहित धरने पर बैठ जाऊंगा। यहां बात नहीं बनी तो केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के आवास के बाहर धरना दूंगा।

अगर सुषमा स्वराज भारतीय दूतावास वालों से कहें तो बेटे को वापस लाया जा सकता है। बोले.. भारतीय दूतावास के उच्चायुक्त पीसी राघवन ने सलमान से करांची में बात की थी। इसके बाद से कई महीने गुजर गए लेकिन भारत सरकार ने अब तक कुछ नहीं किया है। अब एक और प्रयास करूंगा। सलमान की मां की तबियत खराब है।

बेटे की जुदाई के गम में बरसती आंखें अब सूनी होने लगी है। सलमान की बहनों ने भाई के वापस आने तक शादी नहीं   करने की ठान ली है। पाकिस्तान में सलमान में तबियत खराब   है, उसकी ननिहाल वाले भी आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके हैं। इलाज में डेढ़ लाख रुपये खर्च हो गए हैं। वो लोग फोन पर कह रहे हैं कि डेढ़ लाख रुपये लेकर पाकिस्तान आओ तो वहां पर घर के हालात सुधरें। अब समझ में नहीं आता है आखिर क्या करें..? अब हमारे पास सड़क पर उतरने के अलावा कोई रास्ता नहीं।
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