नगर निगम बोर्ड के अधिवेशन में बुधवार को सदन की सभी गरिमा, मर्यादा और परंपराएं तार-तार हो गईं। पार्षदों के राजनीतिक विरोध और आरोप-प्रत्यारोप के क्रम में एक स्थिति वह भी आई कि हंगामा करने वालों ने राष्ट्रगान का भी मान नहीं रखा।
अधिवेशन के समापन पर राष्ट्रगान के दौरान एक दूसरे पर कीचड़ उछालने में जुटे कई सभासद अपनी मेजों पर चढ़कर हंगामा करते रहे। इससे पहले महापौर शकुंतला भारती और नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने उन्हें शांत करने का प्रयास किया, पर उन्हाेंने इनकी एक नहीं सुनी। इससे पहले सदन में पार्षदों ने एक दूसरे पर पानी की बोतलें फेंकी। हंगामे के दौरान ही माइक टूट गया और बजट पढ़ रहे लेखाधिकारी से बजट की प्रति छीन ली गई। इससे नौबत हाथापाई की आ गई। सदन की कार्रवाई के दौरान ही गंदे पानी की शिकायत की सुनवाई नहीं के मसले को लेकर पार्षद गंगे पहलवान धरने पर बैठ गए।
ऐसे ही अभूतपूर्व हंगामे के बीच किसी तरह वर्ष 2016-17 का बजट पढ़ा और पास किया गया। इस बजट में इस मौजूदा वित्तीय वर्ष में 20 करोड़ रुपये का लाभ प्रदर्शित किया गया है। जबकि आगामी वित्तीय वर्ष के अंत में 40 करोड़ रुपये का लाभ प्रस्तावित है। मूल बजट में प्रस्तावित आय और व्यय का विवरण भी दिया गया है।
इस संबंध में महापौर शकुंतला भारती ने कहा कि यह पार्षदों की अपनी व्यवस्था है। उन्हें अपनी व्यवस्था की गरिमा रखनी चाहिए। बार बार कहने के बाद भी हंगामा करने वाले सुनने की स्थिति में ही नहीं थे। जो कुछ सदन में हुआ वह खेद का विषय है। हंगामा करने वालों को चिंतन करना चाहिए। इसी अवस्था और विचारों के साथ जनता के बीच में दोबारा जाना चाहते हैं। पार्षद अपनी गरिमा के साथ स्वयं खिलवाड़ न करें। इसके अलावा जिन्हाेंने भी सदन में अनुशासनहीनता की है उनके खिलाफ नियमानुसर कार्रवाई की जाएगी। ’
इस संबंध में नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि सदन में किसी भी पार्षद के आचरण और उस पर निर्णय लेने का अधिकार महापौर को है। इसके अलावा जनता की नजरें इस बात पर थीं कि पार्षद बजट पर क्या चर्चा करते हैं। किसी मद में कटौती करनी है या किसी में पैसा बढ़ाना है। लेकिन बजट के प्रावधानों पर चर्चा न होकर गैर जरूरी बातों पर चर्चा हुई। क्या ही अच्छा होता कि डिबेट, डिसक्शन और डिसीजन के बाद कोई सार्थक बात सामने आती। सदन की कार्रवाई में सभी को सहयोग करना चाहिए’
पत्थर, पानी और पॉलिटिक्स
अलीगढ़। यूं तो बुधवार को नगर निगम बोर्ड का अधिवेशन कार्यकारिणी की बैठक से पारित किए गए बजट के अनुमोदन के संबंध में था, लेकिन इसमें सबसे पहले पत्थर का मुद्दा गरमाया। समाजवादी पार्टी के नामित सभासदों मसरूर अली, शहजाद अल्वी, बाबा फरीद आजाद आदि ने ऐलान किया कि शासन के आदेश का अक्षरश: पालन होगा। पुराने सभी पत्थरों को उखाड़ कर उन पर नए पत्थर लगाए जाएंगे, जिन पर मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री का नाम अंकित होगा। इस पर भाजपा पार्षद भड़क गए। उन्हाेंने घोषणा कर दी कि एक भी पत्थर उखड़ा तो टकराव की स्थिति आ जाएगी।
हालांकि भाजपा पार्षद कुलदीप पांडे, ठा. पुष्पेंद्र सिंह जादौन, गुनीत मित्तल, मनीष वूल आदि ने यह बात जोड़ी कि नए पत्थर लगाने हैं तो लगाओ, लेकिन किसी भी पुराने पत्थर को हाथ नहीं लगाया जाए। ऐसा हुआ तो नए पत्थर भी नए लगने दिए जाएंगे। अभी पत्थर का मुद्दा सदन में चल ही रहा था कि गंगे पहलवान हाथ में गंदे पानी की बोतल लेकर मुखर हो गए। उनका कहना था कि अपने क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायत कर रहा हूं, पर उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। उनके साथ और सभासद भी शामिल हो गए। इसके बाद गंगे पहलवान सदन में महापौर के आसन के सामने धरने पर बैठ गए। इस पर नामित सभासद मसरूर अली और शहजाद अल्वी ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि यह समाजवादी पार्टी को बदनाम करने की साजिश है। यह नाले का पानी भरकर यहां ले आए हैं।
उन्होंने सदन में आपूर्ति की जा रही मिनरल वाटर की बोतल उठाकर कहा कि यह है अलीगढ़ का पानी। नगर निगम ऐसा पानी (मिनरल वाटर) सप्लाई कर रहा है। यह भाजपा की साजिश है। देखते ही देखते सदन में सपा जिंदाबाद, भाजपा जिंदाबाद, अखिलेश यादव जिंदाबाद, सपा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगने लगे।
बाबा फरीद आजाद ने थाने में दी तहरीर
अलीगढ़। नामित पार्षद बाबा फरीद आजाद ने थाना सिविल लाइन के प्रभारी निरीक्षक को तहरीर देते हुए कहा है कि निगम की बोर्ड बैठक के दौरान जवाहर भवन में जब मूल बजट पढ़कर सुनाया जा रहा था, तभी भाजपा के सदस्य आसन के समक्ष पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ते देख सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी गई और राष्ट्रगान शुरू कर दिया गया। लेकिन भाजपा के सदस्य राष्ट्रगान के दौरान सदन की बेंचों पर चढ़ गए और सपा मुर्दाबाद, अखिलेश यादव मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। राष्ट्रगान के इस अपमान से मेरी भावनाएं आहत हुई हैं। ऐसेे लोगों के खिलाफ देशद्रोह और संविधान का अपमान करने की कार्रवाई हो।
हंगामे में राष्ट्रगान का बजना अपमान है
अलीगढ़। अलीगढ़ विधानसभा क्षेत्र से यूथ कांग्रेस के शहर अध्यक्ष आनंद बघेल ने कहा है कि हंगामे की स्थिति में राष्ट्रगान का बजना अपमान है। यह दुख की बात है कि स्वयं को राष्ट्रवादी बताने वाले राष्ट्रगान का इस तरह अपमान करते हैं। इस कृत्य की निंदा की जाती है।