पंचायत चुनाव 2015 की घोषणा के बाद से ही लगातार इसके नतीजों पर बहस छिड़ी थी। रविवार की सुबह से मतगणना शुरू हुई तो दिग्गज नेताओं के साथ पहली बार चुनाव मैदान में कूदे लोगों की बीपी हाई रहा। एक के बाद एक मत पेटिकाएं खुलती गई और धड़ाधड़ गिनती साथ नतीजों का ऐलान होता रहा। देर रात 10 बजे तक बीडीसी के 550 परिणाम सामने आ चुके थे। जबकि जिला पंचायत सदस्यों के 15 वार्डों में रुझान आ चुके थे। जिसमें प्रतिष्ठित और चर्चित उम्मीदवार अपने निकटतम प्रतिद्वंदी से खासे पीछे चल रहे थे। इन्हीं रुझानों ने बड़े नेताओं का बीपी हाई कर दिया था।
रविवार सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो गई।
जिले में जिला पंचायत सदस्य के 52 पदों के लिए 50 प्रतिशत मतों की गणना होने के बाद तस्वीर साफ होने लगी, जिससे तमाम दिग्गजों की सांस थमने लगी। रुझानों ने धड़कनें बढ़ा दी हैं। इधर, क्षेत्र पंचायत के लिए सभी 12 ब्लाकों में से अब तक 550 सदस्यों के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। मतगणना के दौरान परिणाम जानने को लेकर अव्यवस्थाओं पर प्रत्याशियों व एजेंटों ने दौरा करने पहुंचे डीएम-एसएसपी व प्रेक्षक से भी शिकायत की। इस शिकायत का तत्काल निस्तारण कराया गया। इस दौरान धनीपुर, लोधा, चंडौस, अतरौली आदि केंद्रों पर प्रत्याशियों व एजेंटों द्वारा प्र्रेक्षक व डीएम-एसएसपी के सामने इस बात की समस्या रखी गई कि उनके व एजेंटों के बीच संवाद नहीं होने दिया जा रहा है। जिससे रुझान तक नहीं मिल पा रहे। ऐसा पहली बार हो रहा है। इस पर अधिकारियों ने आपस में संवाद कराने की छूट दी।
सुरक्षा अधिकारियों को इसके लिए हिदायत दी गई। इस दौरान न्याय पंचायत वार मतगणना कराई गई और न्याय पंचायत वार ही बीडीसी प्रत्याशियों के मतगणना एजेंटों को केंद्र के अंदर प्रवेश दिया जा रहा था। जैसे-जैसे बीडीसी के परिणाम जारी होते जा रहे थे, उन्हें आरओ के स्तर से वहीं जारी करने के साथ प्रत्याशी को प्रमाण पत्र दिया जा रहा था, जबकि जिला पंचायत के लिए आंकड़े एनआईसी पर लोड किए जा रहे थे। जिलाधिकारी डॉ. बलकार सिंह ने बताया कि सभी केंद्रों पर शांतिपूर्वक ढंग से मतगणना जारी है। किसी तरह की शिकायत या समस्या नहीं है।