महापौर मो. फुरकान ने गुरुवार को बारहद्वारी स्थित नगर निगम के पुराने कार्यालय पर मेयर दरबार का आयोजन किया। इसमें सबसे बड़ा फैसला यह हुआ कि पुराने कार्यालय की करीब 25 बीघा जमीन पर जब तक कोई निर्माण नहीं होता है तब तक यहां पर पार्किंग का ठेका उठाया जाएगा। इसके अलावा सबसे ज्यादा समस्याएं सफाई व्यवस्था को लेकर आयीं।
बाहरद्वारी स्थित इस जमीन पर बनने वाले पार्किंग स्थल पर स्थानीय दुकानदारों को पार्किंग की दरों में रियायत भी दी जाएगी। इससे एक ओर जहां वाहनों के खड़ा करने की उचित व्यवस्था होगी, वहीं बारहद्वारी, महावीर गंज, पत्थर बाजार, सराय लवरिया, आदि बाजरों में जाम की समस्या से भी निजात मिलने की संभावना है।
इसके अलावा महापौर के समक्ष बढ़ा हुआ गृहकर, नालियों की सफाई, गलियों में कूड़े के ढेर, जलकर, स्ट्रीट लाइटों आदि की समस्या रखी गईं। महापौर ने भरोसा दिलाया कि जो सामान्य समस्याएं हैं उनके समाधान के लिए तीन दिन का समय दें। और वह समस्याएं जिनमें विभागीय पटल शामिल हैं, उनके समाधान के लिए एक महीने का समय देने की मांग की है। इस अवसर पर सभी छह वार्डों के पार्षद मौजूद थे।
सफाई कर्मियों पर आरोप लगाने वाले गलत: प्रदीप
महापौर फुरकान के जन समस्याओं वाले कैंप में सबसे ज्यादा सफाई की शिकायत आने पर नगर सफाई मजदूर संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप भंडारी ने कहा कि अगर एक दिन भी शहर में सफाई न हो तो शहर की हालत देखी जा सकती है। इसलिए यह कहना कि एक-एक महीने तक सफाई कर्मचारी नहीं आता है, सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी को सबसे ज्यादा समस्या अतिक्रमण से होती है। नालों और नालियों पर दुकानदारों ने कब्जे कर लिए हैं। दुकान में सफाई करके नाली में कूड़ा डाल देते हैं। सफाई कर्मचारी के साथ हेय और अभद्र व्यवहार करते हैं। जबकि सफाई व्यवस्था बनाए रखना दो पक्षीय प्रक्रिया है। इसमें गंदगी करने वाले और सफाई करने वालों को तालमेल बनाकर चलना होता है। इसलिए जो शिकायत कर रहे हैं उन्हें भाषा और संबोधन में संयम बरतने की जरूरत है।