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तीन वर्ष में नहीं मिला नए उद्योग के लिए बैंक ऋण

सार

कहने को सरकारें उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लगातार योजनाएं लागू कर रही हैं।बैंक से यह ऋण पत्रावली मुख्यालय यह कहकर भेज दी गई कि आपका ऋण बड़ा है।इस पर आवेदक ने तमाम उदाहरण पेश किए, जिनके टिनशेड पड़े हैं और ऋण जारी हुए हैं, मगर बैंक अधिकारी उन्हें टहलाने लगे और बाद में ऋण देने से इन्कार कर दिया।
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विस्तार
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कहने को सरकारें उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लगातार योजनाएं लागू कर रही हैं। प्रदेश में कारोबारियों को लुभावने के लिए प्रस्ताव दिए जा रहे हैं। मगर धरातल पर सच्चाई कुछ और ही है। ऐसा ही एक उदाहरण सामने आया है। यहां तीन वर्ष बाद भी उद्योग केंद्र से मंजूर पत्रावली पर बैंक से ऋण नहीं मिला और बैंक स्तर से लगातार टरकाया जा रहा है। आवेदक ने अब डीएम से शिकायत की है, जिसमें बैंक प्रबंधन पर सीधे रिश्वत न मिलने के कारण ऋण मंजूर न करने के आरोप लगाए हैं।
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सासनी गेट तमंचा वाली गली पला साहिबाबाद के कमल सिंह जॉब वर्क पर काम कराकर उत्पाद तैयार कराते और उन्हें बेचते हैं। उन्होंने खुद की उत्पादन यूनिट खोलने के लिए स्व रोजगार योजना के तहत उद्योग केंद्र में ऋण के लिए आवेदन किया। औपचारिकताओं के बाद 15 सितंबर 2019 को आवेदन मंजूर कर बैंक को भेज दिया गया। प्रशिक्षण भी दिया गया।
इस दौरान बैंक से ऋण मिलने की प्रत्याशा में अपने पास मौजूद धन से डाई आदि बनवाई। इसके बावजूद एक वर्ष तक ऋण नहीं हुआ तो इसकी शिकायत पीएम पोर्टल पर की गई। इस शिकायत पर बैंक प्रबंधक का तबादला कर दिया गया। नए प्रबंधक ने उनके सामने गारंटी लाने के लिए कहा।
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उन्होंने अपने उस प्लॉट की कीमत का प्रमाण पत्र बनवाया, जिसमें उद्योग लगाना था और बतौर गारंटी वह प्रमाण पत्र बैंक में दे दिया। बैंक से यह ऋण पत्रावली मुख्यालय यह कहकर भेज दी गई कि आपका ऋण बड़ा है। मुख्यालय से ही ऋण मंजूर होगा। इस दौरान मुख्यालय के एक बैंक अधिकारी ने निरीक्षण किया और कहा कि जिस प्लॉट में आप काम शुरू करना चाहते हैं, उस पर सिर्फ टिनशेड है। उस पर ऋण नहीं होगा।
इस पर आवेदक ने तमाम उदाहरण पेश किए, जिनके टिनशेड पड़े हैं और ऋण जारी हुए हैं, मगर बैंक अधिकारी उन्हें टहलाने लगे और बाद में ऋण देने से इन्कार कर दिया। साफ है कि बैंक तीन वर्ष बाद ऋण देने से इन्कार कर रही है तो अधिकारी रिश्वत की चाहत रखते हैं। इस मामले में डीएम से शिकायत करते हुए ऋण प्रक्रिया कराने का अनुरोध किया है।
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