सौरभ गुप्ता की ओर से जो पत्र छोड़ा गया है, उसमें साफ लिखा है कि वह बैंक मित्र का काम करता है। इसी दौरान जिले के एक जनप्रतिनिधि के करीबी सत्ताधारी युवा भाजपा नेता व उसके एक अन्य साथी और कुछ अन्य लोगों ने उससे पैसा ऐंठना। इस दौरान सट्टा भी खिलाया। इस दौरान कुछ सासनी गेट के लोगों के भी नाम हैं। इसी दबाव में वह खाते से रुपये निकालने को मजबूर हुआ और इसमें न उसका और न बैंक प्रबंधक का कोई दोष है। पत्र में उल्लेख है कि वह मरने जा रहा है। इसके लिए उसने मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिकारियों को लिखा है कि इस मामले में घर परिवार के सदस्यों को बचाया जाए। यह पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
इधर, इस मामले में युवा भाजपा नेता ने मौके पर बताया कि वह कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। उनका बैंक में खाता है और उनके खाते से करीब साढ़े तीन करोड़ रुपया गायब है। उसी ने यह रुपया गायब किया है। आईपीएल में रुपये खेलकर उसने रकम गायब की है और हम ग्राहकों पर दोष मढ़ रहा है। इधर, पुलिस इस पत्र की लेखनी व सौरभ गुप्ता की लेखनी का मिलान कर रही है। इसके लिए इस पत्र को एफएसएल भेजा जाएगा।
बंद जा रहा मैनेजर और अन्य का मोबाइल
वहां बैंक प्रबंधक से संपर्क की कोशिश की तो बिहार निवासी बैंक प्रबंधक अमरजीत का मोबाइल बंद मिला और शाखा से गायब मिले। इस पर लोगों ने वहां हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच वहां आगरा से बैंक के रीजनल हैड राजेश खरे भी एक एटीएम केबिन में 30 लाख रुपये न पहुंचने की जानकारी पर शाम को शाखा पहुंच गए। वे यहां पहुंचकर पूरा माजरा समझ गए। उन्हें व पुलिस को घेरकर ग्राहक हंगामा करने लगे। बैंक मित्र व प्रबंधक पर अपने अपने खाते से कई करोड़ रुपये गायब कर गायब होने का आरोप लगाने लगे।
बहुत समय से चल रही थी गड़बड़ी
कहा कि यहां काफी समय से गड़बड़ी चल रही है। उनके खाते में रुपये जमा होने का मैसेज नहीं आता। इसे ई-एरर बताकर चलता कर दिया जाता है। एक दर्जन से अधिक ग्राहकों ने कई करोड़ रुपये गायब होने का आरोप लगाया। जिनमें से अधिकांश करंट खाताधारक थे। इनमें से चार ने लिखित में शिकायत भी दी। जिन्हें पुलिस व बैंक अधिकारियों ने मुकदमा व जांच का आश्वासन देकर शांत किया। इसके बाद देर रात तक पुलिस अपने काम में व बैंक अधिकारी अपनी जांच में जुट गए थे। इस मामले में सीओ तृतीय अशोक कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है। जो तहरीर मिली हैं, उनकी एक एफआईआर दर्ज की जा रही है।
हमारी नौरंगाबाद शाखा का बैंक मैनेजर गायब है। दूसरे व्यक्ति को हम नहीं जानते। रुपये गायब होने के आरोपों की जांच के लिए आईटी टीम को बुलाया गया है। जांच के आधार पर साफ होगा कि किस ग्राहक के कितने रुपये गायब हैं। बैंक मैनेजर के गायब होने के मामले में पुलिस से मदद ली जा रही है।- राजेश खरे, क्षेत्रीय प्रबंधक, आगरा