जिला कारागार में बंदी से मारपीट का जिन एक बार फिर बाहर आ गया है। बाइकर्स प्रिंस की हत्या के आरोप में निरुद्ध बंदी मोहित चौधरी को बेरहमी से पीटने, नंगा घुमाने और रुपये मांगने का आरोप जेल के प्रमुख अधिकारियों पर लगा है।
इस सिलसिले में मोहित के अधिवक्ता की ओर से अदालत में दायर शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। अदालत ने कारागार अधीक्षक को निर्देशित किया है कि पीड़ित बंदी का मेडिकल परीक्षण कराकर मेडिकल रिपोर्ट सहित उसे शनिवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए।
बेगमबाग निवासी अधिवक्ता रोहन सिंह का पुत्र मोहित चौधरी प्रिंस की हत्या के आरोप में जेल में निरुद्ध है। मोहित के अधिवक्ता दीपक बंसल व प्रवीन नाथ शर्मा की ओर से एडीजे-13 के न्यायालय में दी गई शिकायत में मोहित की जेल में पिटाई का गंभीर आरोप लगाया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि 20 अप्रैल को जेल में जेलर व तीन डिप्टी जेलरों ने एक माह से उनकी मांग के अनुरूप रुपये न देने पर बेरहमी से पिटवाया। दोपहर दो बजे सिपाहियों ने लाठी-डंडे लेकर पीटा और जेल में नंगा तक घुमाया। इतना ही नहीं, यहां तक कहा कि दो दिन में रुपये नहीं मिले तो इससे बुरा परिणाम होगा। बृहस्पतिवार को मोहित का भाई जब उससे मिलने जेल गया तो उसने पूरा वाकया बताया। यहां तक बताया कि मारपीट के बाद बैरक से भंडारे में शिफ्ट कर दिया गया है। उसके शरीर पर मारपीट के निशान हैं।
अदालत ने इस शिकायत को गंभीर आरोप मानते हुए कहा है कि मामला वाकई गंभीर है। कारागार अधीक्षक बंदी का मेडिकल परीक्षण कराकर 23 अप्रैल को उसे रिपोर्ट सहित कोर्ट में पेश करें। इधर, कारागार सूत्र बताते हैं कि जेल में से दो दिन पहले सोनभद्र के बंदी अविनाश को मथुरा शिफ्ट किया गया है।
उस पर मोबाइल चलाने का शक था। मोहित को अविनाश से दोस्ती भारी पड़ रही है। इस संबंध में कारागार अधीक्षक डॉ. वीरेश राज का कहना है कि उन्हें प्रकरण संज्ञान में नहीं है। हो सकता है कि आपस में कोई मारपीट हुई हो। वह मामले में जांच कराएंगे और अदालत के आदेश का भी पालन किया जाएगा।