स्थायी लोक अदालत की अवमानना विद्युत वितरण खंड तृतीय के एक्सईएन व एसई को भारी पड़ सकता है। इनकी निष्क्रियता से खफा सिविल जज कनिष्ठ प्रभाग इगलास राजीव सरन की अदालत ने इनके सरकारी वाहन व आवास कुर्क करने और कुर्क अवधि में ट्रांसफॉर्मर न लगने पर इसे नीलाम कर प्राप्त रकम से ट्रांसफॉर्मर लगवाने के आदेश दिए हैं। अदालत के इस आदेश से महकमा में हड़कंप है।
वाकया यूं है। इगलास के गांव बिचौला की बिट्टा देवी व संजय सिंह के निजी नलकूपों पर 25-25केवीए के ट्रांसफॉर्मर लगने थे। इसके लिए तमाम प्रयासों के बाद भी विद्युत विभाग ने ट्रांसफॉर्मर नहीं लगाए। परेशान हो कर दोनों ने सिविल न्यायालय में वाद दायर कर दिया। जिसमें दावा किया गया कि ट्रांसफॉर्मर नहीं लगाए जाने से बिट्टा देवी को 10 लाख और संजय सिंह को 12 लाख का नुकसान हुआ है।
यह वाद सिविल न्यायालय से स्थायी लोक अदालत में भेज दिया गया। इसपर 12 दिसंबर 2015 को सुनवाई करते हुए स्थायी लोक अदालत ने वित्तीय वर्ष 2015-16 के बजट से 13 फरवरी 2016 तक उनके ट्रांसफॉर्मर लगवाने के आदेश दिए। इस आदेश की प्रति अधिशासी अभियंता तृतीय लालडिग्गी, अधीक्षण अभियंता लालडिग्गी को भी भेजी गई। इसके बावजूद ट्रांसफॉर्मर नहीं लगे। इसके उलट अधिकारियों की ओर से कहा गया कि अदालतें ऐसे आदेश देती रहती हैं।
इसे अदालत की अवमानना मानते हुए यह मामला जिला जज के समक्ष रखा गया। इस पर जिला जज ने सिविल न्यायालय को सुनवाई के आदेश दिए। जिसपर सिविल न्यायालय ने विद्युत विभाग का पक्ष जानने को कई समन जारी किए। नोटिस भी दिए गए। बावजूद इसके विभाग ने अदालत में अपना पक्ष रखना जरूरी नहीं समझा। इससे खफा अदालत ने एकपक्षीय सुनवाई करते हुए एक्सईएन तृतीय व एसई के सरकारी आवास व वाहनों की कुर्की करने और कुर्की के बाद भी ट्रांसफॉर्मर नहीं लगने पर उनके आवास व वाहन नीलाम कर उसकी रकम से ट्रांसफॉर्मर लगवाने के आदेश दे दिए। आदेश में कुर्की अमीन को भी नोटिस चस्पां कर कार्रवाई को लिखा गया है।