शाहजमाल में कुर्बानी के लिए बकरा खरीदते लोग। संवाद
बकरीद नजदीक आते ही पशु बाजार गुलजार हो गए हैं। पिछले साल 14 हजार रुपये में बिकने वाले बकरे अब 20 हजार रुपये में बिक रहे हैं। रंग-बिरंगे बकरे लोगों को आकर्षित कर रहे हैं और बच्चे उनके साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं। हालांकि, इस बार त्योहार की खुशियों पर महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है।
पिछले साल 700 रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाला खड़े बकरे के दाम इस बार 1000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। झोटे के दाम भी 300 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर करीब 400 रुपये प्रति किलोग्राम हो चुके हैं। बड़े जानवरों में सात हिस्से किए जाते हैं, जिससे एक हिस्सेदार को अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
इस बार एक हिस्सेदार को 4000 से 4200 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। पिछले साल यही रकम 3500 से 3800 रुपये के बीच थी, जो अब काफी बढ़ गई है। ऊपरकोट के मोहम्मद आरिफ ने कहा कि इस बार बकरे महंगे बिक रहे हैं। उधर, कम कीमत में बकरे लेने के लिए शहर से लोग गांव जा रहे हैं।
रात में लगती हैं बकरों की मंडी
गर्मी के चलते दिन के बजाय रात में बकरों की मंडी लग रही है। जमालपुर, जीवनगढ़, शाहजमाल में बकरों की मंडी लगती है।
कीमतों में वृद्धि के कारण
पशु व्यापारी सलीम कुरैशी ने जानवरों के दाम बढ़ने का कारण बताया है। उन्होंने कहा कि चारा, दवाइयों और ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ गया है। बाहर से आने वाले जानवरों पर किराया और देखभाल का खर्च भी ज्यादा पड़ा है। इस कारण दाम में वृद्धि हुई है।