24 मई की सुबह अतरौली के मोहल्ला कस्साबान के मीट व्यापारी रोरावर की मीट निर्यातक यूनिट से लोडर वाहन में पशु मांस लेकर अतरौली जा रहे थे। अलहदादपुर के पास संरक्षित पशु मांस के अंदेशे में उनकी गाड़ी रोककर उसमें सवार मीट व्यापारियों को बेरहमी से पीटा गया।
हरदुआगंज क्षेत्र के अलहदादपुर में संरक्षित पशु मांस के अंदेशे पर मीट व्यापारियों पर हमला करने के दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। सत्र न्यायाधीश अनुपम कुमार की अदालत से दोनों की जमानत अर्जी खारिज की गई है। दोनों ओर से कई अधिवक्ताओं ने जमानत पर बहस करते हुए अपने-अपने तर्क रखे थे।
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24 मई की सुबह अतरौली के मोहल्ला कस्साबान के मीट व्यापारी रोरावर की मीट निर्यातक यूनिट से लोडर वाहन में पशु मांस लेकर अतरौली जा रहे थे। अलहदादपुर के पास संरक्षित पशु मांस के अंदेशे में उनकी गाड़ी रोककर उसमें सवार मीट व्यापारियों को बेरहमी से पीटा गया। इस संबंध में मुकदमा मो. सलीम ने कराया। इसमें कहा है कि उनका बेटा अकील, भतीजा अरबाज दो साथियों संग बिक्री के लिए मीट लेकर आ रहे थे। तभी उन्हें रॉड व डंडों से पीटा गया। इस घटना को 50 हजार रुपये की रंगदारी न देने पर अंजाम दिया गया। मामले में 12 नामजद व 20-25 अज्ञात आरोपी बनाए गए।
पुलिस ने कलाई हरदुआगंज के विजय कुमार गुप्ता व अलहदादपुर के भानु प्रताप उर्फ भूरा सहित चार आरोपियों को जेल भेजा था। इन दोनों की ओर से सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की थी। डीजीसी अपराध जितेंद्र सिंह के अनुसार घायलों की मेडिकल रिपोर्ट को आधार मानते हुए अदालत ने जमानत अर्जी खारिज की है।