सराय सुल्तानी में पथराव के दौरान
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अलीगढ़ के सासनी गेट क्षेत्र के सराय सुल्तानी में 16 जनवरी को हुए उपद्रव मामले में तीन आरोपियों की जमानत अर्जियां सत्र न्यायाधीश डा.बब्बू सारंग की अदालत से खारिज हो गई हैं। अभी मुख्य आरोपी की ओर से जमानत अर्जी दायर नहीं की गई है। मगर सत्र न्यायालय से तीन जमानतें खारिज होने से आरोपी पक्ष को तगड़ा झटका लगा है।
अभियोजन अधिवक्ता डीजीसी फौजदारी चौ.जितेंद्र सिंह के अनुसार इस मामले में आरोपी शमशाद उर्फ गग्गा, शानू उर्फ जीशान व साजिद की ओर से अधिवक्ता द्वारा जमानत अर्जी दायर की गई थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से तर्क दिए गए कि न तो वह नामजद थे और न घटना में कोई फायर आर्म्स की चोट है। बावजूद इसके लूट के साथ-साथ हमले की धारा लगाई गई है और तीनों को फंसाया गया है।
मगर अभियोजन अधिवक्ता द्वारा खाने के होटल पर हुई इस सांप्रदायिक झगड़े की घटना से शहर के तनाव, सीसीटीवी साक्ष्यों का उल्लेख आदि दलीलें दीं। जिसके आधार पर न्यायालय ने तीनों की जमानत अर्जियां खारिज कर दी हैं। अब मामले में इन्हें हाईकोर्ट का रास्ता तय करना होगा।
दो समुदाय में हुआ था पथराव
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्यालय के बगल में मिश्रित आबादी वाले अतिसंवेदनशील सराय सुल्तानी में 16 जनवरी को रात में दो समुदायों में पथराव हो गया था। यह घटना एक ढाबे पर बाइक खड़ी करने के विवाद में दो युवकों के झगड़े से शुरू हुई। कुछ ही देर में वहां दोनों पक्षों के युवा आमने-सामने आ गए। पथराव मारपीट में दो युवकों के चोट आई थी।