इगलास में पुलिस हिरासत से भागा बबलू नया नहीं, बल्कि कुख्यात अपराधी है। इसके बावजूद उसे पकड़कर लाने की प्रक्रिया में इस तरह की लापरवाही क्यों हुई, यह समझ नहीं आ रहा। मंगलवार को एडीजे-विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट की अदालत से बबलू की अंतरिम जमानत अर्जी महज इसी क्राइम रिकार्ड के आधार पर खारिज कर दी गई। अदालत ने अपने आदेश में साफ-साफ कहा कि अपराधी के आपराधिक इतिहास और अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए प्रकरण में जमानत नहीं दी जा सकती। बता दें कि बबलू ने हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत दिए जाने संबंधी आदेश अधिवक्ता के जरिये यहां न्यायालय में भिजवाया था। मगर, उसे सत्र न्यायालय से राहत नहीं मिली है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजी रामकुमार के अनुसार, इगलास में पिछले दिनों बबलू पुत्र भगवान सिंह निवासी मोहकमपुर इगलास पर 18 मार्च को दर्ज हुए आवश्यक वस्तु अधिनियिम के मुकदमे में अंतरिम जमानत अर्जी हाईकोर्ट के निर्देश पर दायर की गई थी, जिसमें सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने मुकदमा गलत लगाए जाने संबंधी साक्ष्य पेश किए। अभियोजन पक्ष की ओर से जहां 12 मुकदमों की क्राइम हिस्ट्री पेश की गई। अभियोजन पक्ष ने बताया कि अपराधी के गोदाम पर हुई छापेमारी में भारी मात्रा में अवैध रूप से पेट्रोल डीजल के अलावा अवैध शराब तक बरामद हुई। कारखाने के रूप में संचालित गोदाम से जो माल बरामद हुआ, उसके संबंध में कोई दस्तावेज, मंजूरी आदेश आदि नहीं दिखाया जा सका। इससे साफ है कि अवैध रूप से यह रखा हुआ था। अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है।
तो ये भी किसी विकास दुबे से कम नहीं
बबलू भी विकास दुबे जैसे अपराधी से कम नहीं है। यह बात उसकी क्राइम हिस्ट्री उजागर करती है। वर्ष 2000 में हत्या के अपराध से उसका आपराधिक जीवन शुरू हुआ। उस पर कुल दो हत्या, एक दहेज हत्या, तीन-तीन प्राणघातक हमलों के मुकदमे के अलावा तेल का अवैध कारोबार करने के कारण आवश्यक वस्तु अधिनियम के मुकदमे हैं। इस अवैध कारोबार और आपराधिक जीवन को सफेदपोश बनाने के चलते उसने प्रधानी जीती और पत्नी को जिला पंचायत तक जिताया। आगे वह अपने कारोबार को राजनीतिक संरक्षण में कामयाब करने में प्रयासरत था। उसके हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वह पुलिस से भिड़ने में भी पीछे नहीं रहता। दूसरी बार वह पुलिस हिरासत से भागा है और एक बार सरकारी कार्य में बाधा का भी अपराध उस पर दर्ज है।
गिरफ्तारी को पुलिस टीम प्रयागराज भेजने की तैयारी
यह सही है कि बबलू कुख्यात अपराधी है। इगलास थाने व सर्किल की टॉप-10 सूची में है। उस पर तगड़ी कार्रवाई की तैयारी है। उसके पुराने मुकदमों का मौजूदा स्टेटस भी पता किया जा रहा है। वे किस स्थिति में हैं। उसके विषय में जानकारी है कि वह प्रयागराज में है। इस जानकारी को पुख्ता करने का काम चल रहा है और टीम वहां भेजे जाने की तैयारी है। - अतुल शर्मा एसपी देहात
पुलिस रिकार्ड में दर्ज अपराध--
1-वर्ष 2000-हत्या
2-वर्ष 2008-प्राणघातक हमला
3-वर्ष 2009-दहेज हत्या
4-वर्ष 2012-हत्या
5-वर्ष 2013-प्राणघातक हमला
6-वर्ष 2015-सरकारी टीम के काम में बाधा
7-वर्ष 2015-आवश्यक वस्तु अधिनियम
8-वर्ष 2016-प्राणघातक हमला
9-वर्ष 2018-आवश्यक वस्तु अधिनियम/साजिश
10-वर्ष 2018-आवश्यक वस्तु अधिनियम
11-वर्ष 2020-आवश्यक वस्तु अधिनियम
12-वर्ष 2020-आबकारी अधिनियम